जॉर्डन के करक में चर्च पर आतंकी हमला: 7 की मौत, 27 घायल; अमेरिकी दूतावास ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
जॉर्डन के करक प्रांत स्थित हम्मूद गांव के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को हुए आतंकी हमले में 7 लोगों की जान चली गई और 27 से अधिक घायल हैं। इस हमले के बाद अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय (PSD) के अनुसार, अपराधियों की तलाश जारी है और घटना स्थल को पूरी तरह घेर लिया गया है।
हमले का विवरण
जॉर्डन के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित फुटेज में दो बंदूकधारी पिस्तौल लिए चर्च की ओर बढ़ते और गोलियां चलाते दिखे। इसके बाद एक तीसरा व्यक्ति — जिसके पास सेमी-ऑटोमैटिक राइफल जैसा हथियार था — वहाँ पहुंचा और गोलीबारी में शामिल हो गया। तीनों हमलावर फिर चर्च के भीतर दौड़ पड़े।
यह हमला एक अंतिम संस्कार समारोह के दौरान हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बनाए गए वीडियो में चर्च के फर्श पर टूटे हुए कांच और खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। जॉर्डन के स्वास्थ्य मंत्री इब्राहिम अल-बुदौर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है। यह चर्च राजधानी अम्मान से लगभग 180 किमी दक्षिण में स्थित है।
सरकार की प्रतिक्रिया
जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला — जो चरमपंथी इस्लामी समूहों के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका के एक प्रमुख सहयोगी माने जाते हैं — हमले के कुछ घंटों बाद ही करक पहुंचे और उन्होंने कहा कि दोषियों को 'कड़ी से कड़ी' सजा दी जाएगी।
प्रधानमंत्री जाफर हसन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, 'यह एक आतंकवादी विचारधारा और अंधी कट्टरता का नतीजा है, और हम समाज को इस रास्ते पर नहीं जाने देंगे।' पेट्रा समाचार एजेंसी के अनुसार, जॉर्डन सरकार ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
अमेरिकी दूतावास का सुरक्षा अलर्ट
अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने शनिवार को एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी। दूतावास ने कहा कि हमले के बाद राजधानी अम्मान में मॉल, विदेशी दूतावासों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
अमेरिकी नागरिकों को जॉर्डन के राष्ट्रीय सुरक्षा और संकट प्रबंधन केंद्र की वेबसाइट पर सार्वजनिक सुरक्षा दिशानिर्देश देखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, स्थानीय मीडिया — रोया न्यूज, पेट्रा न्यूज और जॉर्डन टाइम्स — पर नज़र बनाए रखने और किसी भी प्रदर्शन या बड़ी भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की हिदायत दी गई।
अंतरराष्ट्रीय निंदा
इस हमले की दुनियाभर में तीखी आलोचना हुई है। अम्मान में जापान और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ के सभी रूपों की कड़ी निंदा की।
सुन्नी मुस्लिम जगत के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थान अल-अजहर के ग्रैंड इमाम अहमद अल-तैयब ने इसे 'जघन्य आतंकवादी हमला' करार दिया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हमले की निंदा करते हुए इसे 'बेहद जघन्य' बताया। उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के मुताबिक, गुटेरेस ने इसके लिए जिम्मेदार सभी लोगों को ढूंढकर जवाबदेह ठहराने की माँग की। लेबनान, सीरिया, मिस्र और ओमान सहित पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र से भी इन हत्याओं की निंदा की गई।
करक का इतिहास और पृष्ठभूमि
करक में ईसाई अल्पसंख्यक आबादी निवास करती है। गौरतलब है कि साल 2016 में भी इसी शहर में बंदूकधारियों ने पुलिस पर कई हमले किए थे, जिनमें पर्यटकों के बीच लोकप्रिय एक ऐतिहासिक 'क्रूसेडर कैसल' पर हमला भी शामिल था। उन हमलों में सात पुलिस अधिकारियों सहित 10 लोगों की मौत हुई थी। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे मध्य-पूर्व में सांप्रदायिक तनाव को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं।
जाँच अभी जारी है और सुरक्षा बलों द्वारा हमलावरों की तलाश की जा रही है। आने वाले दिनों में जॉर्डन की सुरक्षा नीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।