खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट में मस्जिद के पास विस्फोट: 15 की मौत, 50 से अधिक घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में 18 सितंबर 2026 को जुमे की नमाज के दौरान पुलिस लाइंस क्षेत्र स्थित एक मस्जिद के निकट हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। धमाके से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मस्जिद का बाहरी ढाँचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना का विवरण
जिला मुख्यालय (DHQ) अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ताहिर अली शाह के अनुसार, अस्पताल में 15 शव और 50 से अधिक घायल लाए गए। घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि विस्फोट स्थल पर एक बड़ा गड्ढा बन गया और मस्जिद की एक दीवार पूरी तरह ढह गई।
यह धमाका उस वक्त हुआ जब जुमे की नमाज के लिए मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित थे। पुलिस लाइंस क्षेत्र में स्थित होने के कारण सुरक्षाकर्मी भी इस हमले की चपेट में आए।
राहत एवं बचाव अभियान
घटना के तुरंत बाद पुलिस लाइंस क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुँचकर मलबा हटाने और घायलों को अस्पताल पहुँचाने में जुट गए। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान जारी रहा।
पाकिस्तान में बढ़ते हमलों का संदर्भ
यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान में, विशेषकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में, कानून-व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को निशाना बनाकर हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे पहले 10 सितंबर को बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के कंक क्षेत्र में एक पुलिस चौकी पर हुए हमले में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ था।
गौरतलब है कि इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में पाकिस्तान में 199 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जबकि जुलाई में इनकी संख्या 144 थी। अगस्त के हमलों में 158 लोगों की मौत हुई और 181 लोग घायल हुए — यह आँकड़ा देश में सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट की प्रकृति और जिम्मेदारी का पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी गई है। इस घटना के मद्देनजर खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी किए जाने की संभावना है। यह हमला पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक और बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।