स्वात के कबाल पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमले में 17 की मौत, 13 घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित कबाल पुलिस स्टेशन पर रविवार को हुए आत्मघाती विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। सोमवार, 3 अगस्त को दो और घायल पुलिसकर्मियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे हमले में शहीद पुलिसकर्मियों की संख्या 7 पहुँच गई और आम नागरिकों समेत कुल मृतक आँकड़ा 17 हो गया। 13 घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में उपचार अभी भी जारी है।
हमले का घटनाक्रम
पाकिस्तानी न्यूज चैनल समा टीवी ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि आत्मघाती हमलावर ने कबाल पुलिस स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। स्वात जिला पुलिस अफसर (डीपीओ) उमर खान ने बताया कि जैसे ही एक पुलिसकर्मी ने हमलावर को रोकने की कोशिश की, उसने तत्काल विस्फोट कर दिया।
प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, उस समय कबाल चौक पर सैकड़ों लोग प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे हताहतों की संख्या अधिक हो गई। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और जाँच शुरू कर दी।
खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ते हमले
यह हमला उन हिंसक घटनाओं की एक कड़ी है जो खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में पुलिस और सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बना रही हैं। इसी सप्ताह केपी के हंगू जिले में स्थित खजीना बांदा चेकपोस्ट पर सशस्त्र हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें स्थानीय मीडिया के अनुसार कम से कम 9 पुलिसकर्मी मारे गए और 28 अन्य घायल हुए।
इससे पहले 22 जुलाई को केपी के अपर साउथ वजीरिस्तान जिले के सर्वेकई इलाके में अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर एक पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। स्थानीय प्रशासन के हवाले से बताया गया था कि कॉन्स्टेबल सर्वेकई पुलिस स्टेशन पर ड्यूटी के लिए जा रहा था जब उसे घेरकर मारा गया।
सुरक्षा बलों पर असर
गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का वह प्रांत है जो वर्षों से आतंकवादी हमलों के केंद्र में रहा है। यहाँ पुलिस थाने, चेकपोस्ट और गश्ती दल बार-बार हमलों का शिकार होते हैं। आलोचकों का कहना है कि प्रांत में सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करने के बावजूद इस तरह के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे।
कबाल हमले में 13 घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों के अनुसार, जाँच एजेंसियाँ हमलावर की पहचान और उसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
आगे क्या
स्थानीय प्रशासन ने स्वात जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि केपी में पुलिस बलों को बेहतर सुरक्षा उपकरण और खुफिया समन्वय की तत्काल आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।