3 अगस्त 2026
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स्वात के कबाल पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमले में 17 की मौत, 13 घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी

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स्वात के कबाल पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमले में 17 की मौत, 13 घायल पुलिसकर्मियों का इलाज जारी

सारांश

पाकिस्तान के स्वात जिले में कबाल पुलिस स्टेशन पर हुए आत्मघाती हमले में मृतकों की संख्या 17 पहुँच गई है — इसी सप्ताह हंगू में 9 पुलिसकर्मियों की मौत के बाद खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।

मुख्य बातें

कबाल पुलिस स्टेशन, स्वात पर रविवार को हुए आत्मघाती हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
सोमवार को इलाज के दौरान 2 और घायल पुलिसकर्मियों की मौत; शहीद पुलिसकर्मियों की कुल संख्या 7 ।
13 घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में उपचार जारी, मृतक संख्या और बढ़ने की आशंका।
डीपीओ उमर खान के अनुसार, पुलिसकर्मी द्वारा रोके जाने पर हमलावर ने मुख्य प्रवेश द्वार के पास खुद को उड़ाया।
उसी सप्ताह हंगू जिले की खजीना बांदा चेकपोस्ट पर हमले में कम से कम 9 पुलिसकर्मी मारे गए, 28 घायल।
22 जुलाई को अपर साउथ वजीरिस्तान में घात लगाकर एक पुलिस कॉन्स्टेबल की हत्या की गई थी।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित कबाल पुलिस स्टेशन पर रविवार को हुए आत्मघाती विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। सोमवार, 3 अगस्त को दो और घायल पुलिसकर्मियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे हमले में शहीद पुलिसकर्मियों की संख्या 7 पहुँच गई और आम नागरिकों समेत कुल मृतक आँकड़ा 17 हो गया। 13 घायल पुलिसकर्मियों का अस्पताल में उपचार अभी भी जारी है।

हमले का घटनाक्रम

पाकिस्तानी न्यूज चैनल समा टीवी ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि आत्मघाती हमलावर ने कबाल पुलिस स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के निकट खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। स्वात जिला पुलिस अफसर (डीपीओ) उमर खान ने बताया कि जैसे ही एक पुलिसकर्मी ने हमलावर को रोकने की कोशिश की, उसने तत्काल विस्फोट कर दिया।

प्रमुख दैनिक डॉन के अनुसार, उस समय कबाल चौक पर सैकड़ों लोग प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे हताहतों की संख्या अधिक हो गई। हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और जाँच शुरू कर दी।

खैबर पख्तूनख्वा में बढ़ते हमले

यह हमला उन हिंसक घटनाओं की एक कड़ी है जो खैबर पख्तूनख्वा (केपी) में पुलिस और सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बना रही हैं। इसी सप्ताह केपी के हंगू जिले में स्थित खजीना बांदा चेकपोस्ट पर सशस्त्र हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें स्थानीय मीडिया के अनुसार कम से कम 9 पुलिसकर्मी मारे गए और 28 अन्य घायल हुए।

इससे पहले 22 जुलाई को केपी के अपर साउथ वजीरिस्तान जिले के सर्वेकई इलाके में अज्ञात हमलावरों ने घात लगाकर एक पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। स्थानीय प्रशासन के हवाले से बताया गया था कि कॉन्स्टेबल सर्वेकई पुलिस स्टेशन पर ड्यूटी के लिए जा रहा था जब उसे घेरकर मारा गया।

सुरक्षा बलों पर असर

गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का वह प्रांत है जो वर्षों से आतंकवादी हमलों के केंद्र में रहा है। यहाँ पुलिस थाने, चेकपोस्ट और गश्ती दल बार-बार हमलों का शिकार होते हैं। आलोचकों का कहना है कि प्रांत में सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करने के बावजूद इस तरह के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे।

कबाल हमले में 13 घायल पुलिसकर्मियों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों के अनुसार, जाँच एजेंसियाँ हमलावर की पहचान और उसके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।

आगे क्या

स्थानीय प्रशासन ने स्वात जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि केपी में पुलिस बलों को बेहतर सुरक्षा उपकरण और खुफिया समन्वय की तत्काल आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसी सप्ताह हंगू हमले के साथ और उजागर हुआ। चिंताजनक यह है कि हमलावर उन स्थानों को चुन रहे हैं जहाँ आम नागरिक भी मौजूद होते हैं — जैसे कबाल चौक पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ — जिससे नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ती है। पाकिस्तान सरकार के सुरक्षा दावों और ज़मीनी हकीकत के बीच की यह खाई गहरी होती जा रही है, और इसका सबसे अधिक खामियाजा स्थानीय पुलिस बल भुगत रहे हैं जो अपर्याप्त संसाधनों के साथ मोर्चे पर हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वात के कबाल पुलिस स्टेशन पर हमला कब और कैसे हुआ?
यह आत्मघाती हमला रविवार को कबाल पुलिस स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास किया गया, जब कबाल चौक पर सैकड़ों लोग प्रदर्शन कर रहे थे। डीपीओ उमर खान के अनुसार, पुलिसकर्मी द्वारा रोके जाने पर हमलावर ने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।
कबाल हमले में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
सोमवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जिनमें 7 पुलिसकर्मी और शेष आम नागरिक शामिल हैं। 13 घायल पुलिसकर्मियों का इलाज अभी जारी है।
खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस पर हमलों का ताज़ा सिलसिला क्या है?
इसी सप्ताह हंगू जिले की खजीना बांदा चेकपोस्ट पर हमले में कम से कम 9 पुलिसकर्मी मारे गए और 28 घायल हुए। 22 जुलाई को अपर साउथ वजीरिस्तान के सर्वेकई में एक पुलिस कॉन्स्टेबल को घात लगाकर मार दिया गया था।
हमले के बाद सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए?
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे कबाल इलाके को घेर लिया और जाँच शुरू कर दी। स्थानीय प्रशासन ने स्वात जिले में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
क्या खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस पर हमले बढ़ रहे हैं?
हाँ, खैबर पख्तूनख्वा में पुलिस थानों, चेकपोस्टों और गश्ती दलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। कबाल, हंगू और वजीरिस्तान में एक ही सप्ताह के भीतर हुई घटनाएँ इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर बढ़ते दबाव को दर्शाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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