3 अगस्त 2026
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पाकिस्तान: आत्मघाती हमले के कारण केपी-पंजाब परिवहन बाधित

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पाकिस्तान: आत्मघाती हमले के कारण केपी-पंजाब परिवहन बाधित

सारांश

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले के चलते केपी और पंजाब के बीच सभी यातायात ठप हो गया है। इस घटना में ७ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई, जिससे व्यापारियों और यात्रियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान में आत्मघाती हमले बढ़ रहे हैं।
केपी और पंजाब के बीच यातायात प्रभावित हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।
व्यापारी समुदाय पर आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है।
पिछले वर्ष खैबर पख्तूनख्वा में हमलों में वृद्धि हुई।

पेशावर, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में हाल के दिनों में पाकिस्तानी सेना और पुलिस पर हमले बढ़ गए हैं। मंगलवार को विभिन्न हमलों में लगभग ७ पुलिस कर्मियों की जान गई। अधिकारियों के अनुसार, पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में एक सुरक्षा चौकी पर हुए आत्मघाती हमले ने भी कई पुलिसकर्मियों का जीवन समाप्त कर दिया। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद से खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के बीच सभी प्रकार की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे रमजान के महीने में दुकानदारों को जबरदस्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख दैनिक डॉन की सूचना के अनुसार, यह हमला भक्कर जिले में डेरा दरिया खान पुल के पास दाजिल चेकपोस्ट पर हुआ। आत्मघाती हमले के परिणामस्वरूप खैबर पख्तूनख्वा को पंजाब से जोड़ने वाला मुख्य हाईवे बुधवार को भी बंद रहा। इस स्थिति ने अंतर-प्रांतीय सीमा पर आने-जाने वाले व्यापारियों और यात्रियों को कई कठिनाइयों में डाल दिया।

यह हमला मंगलवार की शाम लगभग ७ बजे हुआ, जब एक आत्मघाती हमलावर ने पुल के निकट स्थित चेकपोस्ट के पास खुद को उड़ा दिया। सीसीटीवी फुटेज में हमलावर को विस्फोट करने से पहले चेकपोस्ट के निकट आते हुए देखा गया है।

हमले के बाद, डीआई खान और भक्कर दोनों जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया। पंजाब पुलिस ने एहतियात के तौर पर डेरा दरिया खान पुल के पास सड़क को बंद कर दिया और सभी ट्रैफिक को रोक दिया। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन भी शुरू किया गया। इस मार्ग के बंद रहने से यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा। कई गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं, और यात्रियों को अतिरिक्त खर्च कर अन्य रास्ते तलाशने पड़े।

यह रुकावट तब आई जब कुछ दिन पहले पीटीआई के विरोध प्रदर्शनों के कारण यही मार्ग कई दिनों तक बंद रहा था, जिससे पहले ही सामान और लोगों की आवाजाही पर प्रभाव पड़ा था।

डीआई खान के व्यापारी समुदाय ने कहा कि बार-बार बंद होने से पंजाब, विशेषकर लाहौर और अन्य बड़े वाणिज्यिक केंद्रों से सप्लाई लाइनें बाधित हुई हैं।

मरकजी अंजुमन-ए-ताजिरान के अध्यक्ष, सोहेल अहमद आजमी ने डॉन से कहा कि ट्रैफिक लंबे समय तक बंद रहने के कारण व्यापारियों की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि रमजान चल रहा है और ईदुल फितर निकट है, जिससे पंजाब से सामान की ट्रांसपोर्ट में और देरी होने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है और स्थानीय बाजार में कमी आ सकती है।

पिछले वर्ष खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी हमलों में वृद्धि देखी गई है। सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज की वार्षिक सुरक्षा रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है। रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में पिछले वर्ष हिंसा में काफी वृद्धि हुई है, जिससे मृतकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। २०२४ में यह संख्या १,६२० थी, जो २०२५ में बढ़कर २,३३१ हो गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आत्मघाती हमले का लक्ष्य कौन था?
आत्मघाती हमले का लक्ष्य पाकिस्तानी सेना और पुलिस को निशाना बनाना था।
इस हमले में कितने लोग मारे गए?
इस हमले में लगभग ७ पुलिस कर्मियों की मौत हुई।
आवाजाही क्यों रोकी गई?
हमले के बाद सुरक्षा कारणों से केपी और पंजाब के बीच आवाजाही रोक दी गई।
इस घटना का व्यापार पर क्या असर पड़ा?
यातायात ठप होने से व्यापारियों को सामान की सप्लाई में कठिनाई का सामना करना पड़ा है।
खैबर पख्तूनख्वा में हमलों की संख्या में क्या वृद्धि हुई है?
पिछले वर्ष खैबर पख्तूनख्वा में हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है, जो सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
राष्ट्र प्रेस
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