खैबर पख्तूनख्वा के हंगू में चेकपॉइंट पर आतंकी हमला, 7 पुलिसकर्मी शहीद और 22 घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के उत्तरी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में 30 जुलाई को आतंकवादियों के एक सशस्त्र समूह ने पुलिस चेकपॉइंट पर हमला कर दिया, जिसमें कम से कम सात पुलिसकर्मी शहीद हो गए और 22 अन्य घायल हो गए। जिला पुलिस अधिकारी तारिक हबीब ने बुधवार देर रात स्थानीय मीडिया को बताया कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आठ आतंकवादी मारे गए और छह घायल हुए।
हमले का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आतंकवादियों के समूह ने हंगू जिले में तैनात पुलिस चेकपॉइंट को निशाना बनाया। सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी फायरिंग की, जिससे हमलावरों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। तारिक हबीब ने बताया कि बचे हुए आतंकवादियों को खत्म करने के लिए इलाके में क्लीयरेंस ऑपरेशन जारी है। अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पिछले हमलों का संदर्भ
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमलों की श्रृंखला जारी है। 23 जुलाई को खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में एक सुरक्षा चौकी पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 14 लोगों की मौत हुई थी — इनमें नौ सैनिक, चार पुलिसकर्मी और प्रांतीय वन विभाग का एक अधिकारी शामिल थे। उस हमले में एक गाड़ी में सवार सुसाइड बॉम्बर ने विस्फोट किया था, जिससे चौकी की इमारत जमीन पर गिर गई और 20 सैनिकों व चार पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 24 लोग घायल हुए थे। उस घटना में तीन सैनिकों के मलबे में दबे होने की आशंका भी जताई गई थी।
25 जुलाई का नाकाम हमला
इससे पहले 25 जुलाई को सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बताया था कि सुरक्षा बलों ने दक्षिण वज़ीरिस्तान जिले, खैबर पख्तूनख्वा में एक चेकपोस्ट पर हमले को नाकाम कर दिया। हमलावरों ने विस्फोटकों से लदी गाड़ी से हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने पोस्ट के बाहर ही उस गाड़ी को नष्ट कर दिया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
सुरक्षा स्थिति और आगे की चुनौती
गौरतलब है कि खैबर पख्तूनख्वा में पिछले कुछ हफ्तों में सुरक्षा बलों पर हमलों की संख्या में तेज़ी आई है। हंगू, टैंक और दक्षिण वज़ीरिस्तान जैसे जिले लगातार आतंकी गतिविधियों का केंद्र बने हुए हैं। पुलिस के अनुसार, क्लीयरेंस ऑपरेशन जारी है और इलाके को सील कर दिया गया है। आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों की तैनाती और बढ़ाए जाने की संभावना है।