3 अगस्त 2026
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खैबर पख्तूनख्वा: काबल पुलिस स्टेशन आत्मघाती हमले में 15 की मौत, 6 पुलिसकर्मी शहीद

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खैबर पख्तूनख्वा: काबल पुलिस स्टेशन आत्मघाती हमले में 15 की मौत, 6 पुलिसकर्मी शहीद

सारांश

पाकिस्तान के स्वात जिले में काबल पुलिस स्टेशन के बाहर हुए आत्मघाती धमाके में 15 लोगों की जान गई — जिनमें 6 पुलिसकर्मी शामिल हैं। इसी हफ्ते हंगू में भी 9 पुलिसकर्मी मारे गए थे। खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी से जुड़े हमलों की यह श्रृंखला पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।

मुख्य बातें

काबल पुलिस स्टेशन , स्वात जिला , खैबर पख्तूनख्वा में 2 अगस्त को आत्मघाती बम धमाका हुआ।
मृतकों की संख्या 15 हुई — जिनमें 6 पुलिसकर्मी और 9 आम नागरिक शामिल हैं।
25 से अधिक घायलों का उपचार सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में जारी है।
आईजी जुल्फिकार हमीद ने हमले के पीछे 'फितना अल खवारिज' (टीटीपी से जुड़े समूह) का हाथ बताया।
इसी सप्ताह हंगू जिले की खजीना बांदा चेकपोस्ट पर हमले में 9 पुलिसकर्मी मारे गए, 28 घायल हुए थे।
सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित काबल पुलिस स्टेशन के बाहर 2 अगस्त को हुए आत्मघाती बम धमाके में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जिनमें 6 पुलिसकर्मी शामिल हैं। 25 से अधिक घायलों का उपचार सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में जारी है। यह हमला उस समय हुआ जब पुलिस स्टेशन के निकट काबल चौक पर सैकड़ों लोग एक सार्वजनिक प्रदर्शन में भाग ले रहे थे।

मुख्य घटनाक्रम

जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) मोहम्मद ओमे ने बताया कि विस्फोट में 15 लोगों की मौत हुई है — जिनमें 6 पुलिसकर्मी और 9 आम नागरिक शामिल हैं। 25 गंभीर रूप से घायल लोगों को सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मलाकंद के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) सैयद फिदा हुसैन के अनुसार, विस्फोट स्थल के आसपास पुलिस लाइन और अन्य संवेदनशील सरकारी इमारतें भी मौजूद हैं, जिससे हमले की रणनीतिक प्रकृति स्पष्ट होती है। उन्होंने बताया कि शुरुआती रिपोर्टों में 4 पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल पाए गए, जबकि 2 आम नागरिक भी चोटिल हुए।

हमले की ज़िम्मेदारी

खैबर पख्तूनख्वा के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) जुल्फिकार हमीद द्वारा जारी बयान में इस हमले के पीछे 'फितना अल खवारिज' का हाथ बताया गया। यह शब्द पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकियों के लिए इस्तेमाल करती है।

हमीद ने बताया कि पुलिस ने हमले का तत्काल जवाब दिया और अतिरिक्त बलों को मौके पर तैनात किया गया। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

पृष्ठभूमि: बढ़ते हमलों की श्रृंखला

गौरतलब है कि यह हमला खैबर पख्तूनख्वा में हिंसा की बढ़ती लहर की कड़ी में सबसे ताज़ा है। इसी सप्ताह की शुरुआत में हंगू जिले की खजीना बांदा चेकपोस्ट पर सशस्त्र हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें कम से कम 9 पुलिसकर्मी मारे गए और 28 अन्य घायल हुए थे। आईजी हमीद ने उस हमले में भी एक डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) समेत 9 पुलिसकर्मियों की मौत की पुष्टि की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के सुरक्षा बल उत्तर-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्रों में टीटीपी से जुड़े समूहों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रहे हैं।

सुरक्षा प्रतिक्रिया

विस्फोट के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने काबल और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी। घायलों को सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ चिकित्सा टीमें आपातकालीन स्थिति में कार्यरत हैं।

आगे की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार, हमले की विस्तृत जाँच जारी है और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों के मद्देनज़र पाकिस्तानी सरकार पर आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसी हफ्ते हंगू में हुए हमले के बाद आया है। 'फितना अल खवारिज' जैसे शब्दों का इस्तेमाल पाकिस्तान सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जो टीटीपी को इस्लामी ढाँचे के बाहर चित्रित करती है, लेकिन इससे ज़मीनी सुरक्षा स्थिति नहीं बदलती। सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान भीड़भाड़ वाले स्थान को निशाना बनाना हमलावरों की सोची-समझी रणनीति दर्शाता है, जो नागरिक हताहत को अधिकतम करने और सुरक्षा बलों की साख को चुनौती देने के लिए डिज़ाइन की गई है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काबल पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 2 अगस्त को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में स्थित काबल पुलिस स्टेशन के बाहर हुआ। हमले के वक्त पास के काबल चौक पर सैकड़ों लोग एक सार्वजनिक प्रदर्शन में भाग ले रहे थे।
काबल पुलिस स्टेशन धमाके में कितने लोग मारे गए और घायल हुए?
जिला पुलिस अधिकारी मोहम्मद ओमे के अनुसार, इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई — जिनमें 6 पुलिसकर्मी और 9 आम नागरिक शामिल हैं। 25 से अधिक गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में चल रहा है।
इस हमले के पीछे किसका हाथ बताया गया है?
खैबर पख्तूनख्वा के इंस्पेक्टर जनरल जुल्फिकार हमीद ने इस हमले के पीछे 'फितना अल खवारिज' का हाथ बताया है। यह शब्द पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़े आतंकियों के लिए इस्तेमाल करती है।
क्या खैबर पख्तूनख्वा में इस हफ्ते कोई और हमला हुआ था?
हाँ, इसी सप्ताह की शुरुआत में हंगू जिले की खजीना बांदा चेकपोस्ट पर सशस्त्र हमलावरों ने हमला किया था। उस हमले में एक डीएसपी समेत कम से कम 9 पुलिसकर्मी मारे गए और 28 अन्य घायल हुए थे।
हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए?
विस्फोट के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने काबल और आसपास के पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। आईजी हमीद के अनुसार, अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजा गया और घायलों को सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राष्ट्र प्रेस
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