गुरुग्राम हिट-एंड-रन: आरोपी कल्याण बैंसला और लवनीश 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम की एक अदालत ने 18 सितंबर 2026 को गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर सिया को कार से कुचलने के आरोपी कल्याण बैंसला और उसके चचेरे भाई लवनीश को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दोनों आरोपियों को निर्धारित अवधि के बाद फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
इससे पहले दोनों आरोपियों को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास निधि बेनीवाल के समक्ष पेश किया गया था, जिन्होंने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को न्यायिक हिरासत का आदेश जारी किया गया।
गुरुग्राम पुलिस ने कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा से और लवनीश को हरियाणा के पलवल से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि घटना के समय लवनीश भी उसी कार में बैंसला के साथ सवार था।
एफआईआर और आरोपों का विस्तार
पुलिस ने गोल्फ कोर्स रोड की सीसीटीवी फुटेज देखकर स्वयं संज्ञान लिया था। विस्तृत जाँच और फुटेज विश्लेषण के बाद, पुलिस ने एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 जोड़ी — जो हत्या के प्रयास से संबंधित है और जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
यह धारा तब जोड़ी गई जब पीड़िता सिया और उनके परिवार ने गुरुग्राम के सेक्टर-56 पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) इंस्पेक्टर को लिखित बयान सौंपा और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की।
पीड़िता की आवाज़
पीड़िता सिया ने कार में सवार चारों लोगों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की अपील करते हुए कहा, 'मैंने कोर्ट में कहा था कि कार में सवार चारों लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मेरी राय में, उन्हें कठोर परिणाम भुगतने चाहिए — ऐसे युवाओं को संदेश देने का यही एकमात्र तरीका है ताकि कोई भी ऐसी हरकत करने से पहले दो बार सोचे।'
सिया ने यह भी कहा कि उन्हें अदालत से न्याय की पूरी उम्मीद है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज में सही संदेश भेजना अत्यंत आवश्यक है।
पुलिस का रुख
गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि वह इस मामले में जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह मामला पुलिस द्वारा स्वयं संज्ञान लेने के बाद दर्ज हुआ था, जो इस तरह के मामलों में प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण है।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपियों को 14 दिन बाद पुनः अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ जाँच की प्रगति के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी। कार में कथित तौर पर सवार शेष दो लोगों की गिरफ्तारी को लेकर पीड़िता और उनका परिवार अभी भी दबाव बनाए हुए है। यह मामला महिला सड़क सुरक्षा और हिट-एंड-रन मामलों में जवाबदेही के व्यापक सवालों को भी सामने लाता है।