गुरुग्राम हिट एंड रन: एसआईटी गठित, आरोपी कल्याण बैंसला व लवनीश 2 दिन की पुलिस कस्टडी में
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर हुए चर्चित हिट एंड रन मामले में गुरुग्राम पुलिस ने 16 सितंबर 2026 को एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया, जो एसीपी की सीधी निगरानी में पूरे प्रकरण की जांच करेगी। यह कदम तब उठाया गया जब वायरल वीडियो के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया और पीड़िता के परिवार ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एसआईटी की संरचना और निर्देश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गठित एसआईटी में एसीपी के अतिरिक्त एक थाना प्रभारी, एक क्राइम ब्रांच प्रभारी और 2 एएसआई को शामिल किया गया है। टीम को शीघ्र साक्ष्य जुटाने और आरोपियों के विरुद्ध मजबूत चार्जशीट तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अदालत ने आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजा
गुरुग्राम की एक अदालत ने बुधवार, 16 सितंबर को मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और उसके कजिन लवनीश को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। दोनों को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमएफसी) निधि बेनीवाल के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने यह आदेश पारित किया। दोनों आरोपियों को 18 सितंबर को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा।
यह पेशी उस गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई, जब गुरुग्राम पुलिस ने कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा और लवनीश को हरियाणा के पलवल से पकड़ा था। आरोप है कि घटना के समय लवनीश भी बैंसला के साथ कार में सवार था। कार में कुल 4 लोग मौजूद थे।
हत्या की कोशिश की धारा जोड़ी गई
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या की कोशिश) एफआईआर में जोड़ी है, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। यह धारा तब जोड़ी गई जब पीड़िता सिया और उनके परिवार ने सख्त कार्रवाई की माँग की। विस्तृत सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुँची।
गौरतलब है कि यह मामला तब प्रकाश में आया जब पुलिस ने गोल्फ कोर्स रोड पर एक तेज रफ्तार कार द्वारा महिला बाइकर को टक्कर मारने का वीडियो खुद देखकर स्वतः संज्ञान लिया। वीडियो के वायरल होने के बाद पूरे देश में व्यापक आक्रोश फैला।
पीड़िता सिया की माँग — सभी 4 को कड़ी सजा
पीड़िता सिया ने बुधवार को कार में सवार सभी चारों लोगों के लिए कड़ी सजा की माँग दोहराई। उन्होंने कहा, 'मुझे अदालत से बहुत उम्मीदें हैं और मैं इस मामले में न्याय चाहती हूँ। मैंने कल अदालत में कहा था कि कार में सवार चारों लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि कोई भी ऐसी हरकत करने के बारे में सोचने से पहले दो बार सोचे।'
सिया ने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समाज में सही संदेश देना अत्यंत जरूरी है। यह मामला महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा — दोनों पर एक साथ गंभीर सवाल उठाता है।
आगे क्या होगा
18 सितंबर को दोनों आरोपियों की अगली पेशी अदालत में होगी, जहाँ पुलिस अपनी जांच प्रगति रखेगी। एसआईटी को जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी दो संदिग्धों की गिरफ्तारी को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।