गुरुग्राम हिट एंड रन: गोल्फ कोर्स रोड मामले में SIT गठित, आरोपी कल्याण बैंसला 2 दिन की पुलिस हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइकर को तेज रफ्तार कार से टक्कर मारने के चर्चित हिट एंड रन मामले में गुरुग्राम पुलिस ने 16 सितंबर को एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जो सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) की प्रत्यक्ष निगरानी में जांच करेगी। इसी दिन गुरुग्राम की एक अदालत ने मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला और उसके कजिन लवनीश को 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
SIT का गठन और संरचना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गठित SIT में ACP के अतिरिक्त एक थाना प्रभारी, एक क्राइम ब्रांच प्रभारी और 2 सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को शामिल किया गया है। टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वह शीघ्रातिशीघ्र साक्ष्य संकलित करे और आरोपियों के विरुद्ध एक ठोस एवं मजबूत चार्जशीट तैयार करे।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
अदालत में पेशी और हिरासत
दोनों आरोपियों — कल्याण बैंसला और लवनीश — को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) निधि बेनीवाल की अदालत में पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। दोनों को 18 सितंबर को पुनः अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
यह कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस द्वारा राजस्थान के दौसा से बैंसला और हरियाणा के पलवल से लवनीश की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई। आरोप है कि घटना के समय लवनीश भी उसी कार में सवार था, जिसमें कुल चार लोग मौजूद थे।
हत्या की कोशिश की धारा जोड़ी गई
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या की कोशिश) को प्रारंभिक FIR में जोड़ा है, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। यह धारा तब जोड़ी गई जब पीड़िता सिया और उनके परिवार ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने बताया कि विस्तृत जांच और CCTV फुटेज के विश्लेषण के आधार पर यह निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि यह मामला तब सामने आया जब पुलिस ने गोल्फ कोर्स रोड पर हुई इस घटना का वीडियो देखकर स्वयं संज्ञान लिया था। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
पीड़िता सिया की माँग
पीड़िता सिया ने बुधवार को कार में सवार चारों लोगों के लिए कड़ी सजा की माँग की। उन्होंने कहा, 'मुझे अदालत से बहुत उम्मीदें हैं और मैं इस मामले में न्याय चाहती हूं। मैंने कल अदालत में कहा था कि कार में सवार चारों लोगों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि कोई भी ऐसी हरकत करने के बारे में सोचने से पहले दो बार सोचे।'
सिया ने यह भी कहा कि महिलाओं की सड़क सुरक्षा को लेकर समाज में सही संदेश देना आज की जरूरत है।
आगे क्या होगा
SIT अब साक्ष्य जुटाने, CCTV फुटेज के गहन विश्लेषण और कार में सवार शेष दो व्यक्तियों की भूमिका की जांच में जुट गई है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को 18 सितंबर को अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पुलिस हिरासत विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला अब महिला सुरक्षा और यातायात कानूनों के प्रवर्तन की व्यापक बहस का केंद्र बन चुका है।