जॉर्डन के करक चर्च हमले की जयशंकर ने निंदा की, बोले — आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार नहीं
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 24 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर जॉर्डन के करक स्थित ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुई गोलीबारी की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत इस दुखद घड़ी में जॉर्डन के साथ मजबूती से खड़ा है। 23 अक्टूबर 2026 को एक अंतिम संस्कार समारोह के दौरान हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी में 7 लोगों की मौत हो गई और 40 से अधिक घायल हो गए।
हमले का घटनाक्रम
यह गोलीबारी राजधानी अम्मान से लगभग 180 किलोमीटर दक्षिण में स्थित करक के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में शुक्रवार को एक अंतिम संस्कार के दौरान हुई। जॉर्डन के सरकारी टेलीविजन पर जारी फुटेज में दो बंदूकधारी पिस्तौलें लेकर चर्च की ओर बढ़ते और गोलियाँ चलाते दिखे। इसके बाद एक तीसरा व्यक्ति अर्ध-स्वचालित राइफल जैसे हथियार के साथ मौके पर आया और उसने भी गोलीबारी शुरू कर दी, फिर तीनों चर्च के भीतर दौड़ पड़े।
जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'कल जॉर्डन के करक में एक चर्च पर हुए जघन्य हमले से हमें गहरा आघात लगा है। इस दुखद घटना में कई निर्दोषों की जान चली गई और कई घायल हो गए। हम पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'हम आतंकवाद को किसी भी रूप और प्रकार को स्वीकार नहीं करते। हम आतंक विरोधी रुख को लेकर अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को भी दोहराते हैं।'
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को एक अलग आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले को 'जघन्य' करार दिया। बयान में कहा गया, 'भारत 23 अक्टूबर 2026 को जॉर्डन के करक स्थित चर्च पर हुए इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता है। इस कठिन घड़ी में भारत जॉर्डन के हशमाइट साम्राज्य की सरकार और वहाँ के मित्रवत लोगों के साथ खड़ा है।' मंत्रालय ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करते हुए इस लड़ाई में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
जॉर्डन में राष्ट्रीय शोक
जॉर्डन के स्वास्थ्य मंत्री इब्राहिम अल-बुदौर ने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। जॉर्डन की समाचार एजेंसी 'पेट्रा' के अनुसार, इस हमले के बाद देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में पहले से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
आगे क्या
जॉर्डन के अधिकारी हमलावरों की पहचान और उनके मकसद की जाँच कर रहे हैं। भारत का यह बयान उस व्यापक अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया का हिस्सा है जो इस हमले के बाद सामने आई है। धार्मिक स्थलों पर हमलों के विरुद्ध भारत की स्पष्ट स्थिति, इसकी बहुलतावादी विदेश नीति की निरंतरता को रेखांकित करती है।