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क्या विदेश मंत्री जयशंकर ने 'कनिष्क' बम विस्फोट की बरसी पर श्रद्धांजलि दी?

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क्या विदेश मंत्री जयशंकर ने 'कनिष्क' बम विस्फोट की बरसी पर श्रद्धांजलि दी?

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर ने 1985 में हुए एयर इंडिया 'कनिष्क' बम विस्फोट की 40वीं वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह हमला 329 निर्दोष लोगों की जान ले गया था। इस अवसर पर आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की आवश्यकता पर जोर दिया। जानिए इस घटना की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

कनिष्क बम विस्फोट 329 लोगों की जान ले गया।
यह हमला खालिस्तानी उग्रवादियों द्वारा किया गया था।
विदेश मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह घटना हमें वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का संदेश देती है।
यह विस्फोट इतिहास में सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक है।

नई दिल्ली, 23 जून (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को 1985 के एयर इंडिया 'कनिष्क' बम विस्फोट में मारे गए 329 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह घटना इतिहास के सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक थी, जिसकी आज 40वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।

उन्होंने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कठोर रुख अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एयर इंडिया 182 'कनिष्क' बम विस्फोट की 40वीं बरसी पर हम 329 जिंदगियों को श्रद्धांजलि देते हैं। यह इस बात की स्पष्ट reminder है कि दुनिया को आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता क्यों दिखानी चाहिए।"

23 जून 1985 को एयर इंडिया की फ्लाइट लंदन और दिल्ली होते हुए मुंबई जा रही थी, तभी अटलांटिक महासागर के ऊपर बोइंग 747 में बम विस्फोट हुआ।

आयरलैंड के तट के पास हुए विस्फोट में 22 चालक दल सहित सभी 329 लोग मारे गए। जांच में पता चला था कि बम वैंकूवर से आए सामान में रखा गया था। यह हमला खालिस्तानी उग्रवादी संगठन बब्बर खालसा से जुड़ा था।

ब्रिटिश-कनाडाई नागरिक इंद्रजीत सिंह रेयात ने 2003 में बम बनाने की बात कबूल की, जिसके बाद उसे दोषी ठहराया गया था। बब्बर खालसा के संस्थापक सदस्य तलविंदर सिंह परमार को इस हमले का मास्टरमाइंड माना गया।

इस बरसी पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल आयरलैंड में कॉर्क के अहाकिस्ता मेमोरियल में श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुआ।

इस प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और पांच भारतीय राज्यों के निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें अरविंदर सिंह लवली (दिल्ली विधायक), बलदेव सिंह औलाख (उत्तर प्रदेश के मंत्री), गुरवीर सिंह बराड़ (राजस्थान के विधायक), त्रिलोक सिंह चीमा (उत्तराखंड के विधायक) और नरिंदर सिंह रैना (जम्मू और कश्मीर के विधायक) शामिल हैं।

सोमवार को स्मारक स्थल पर आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन, कनाडा के मंत्री गैरी आनंदसांगरी और कई अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में स्मारक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूं कि यह घटना हमें आतंकवाद के प्रति हमारी जिम्मेदारियों की याद दिलाती है। हमें एकजुट होना चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत मोर्चा बनाना चाहिए। हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कनिष्क बम विस्फोट कब हुआ था?
कनिष्क बम विस्फोट 23 जून 1985 को हुआ था।
इस विस्फोट में कितने लोग मारे गए थे?
इस विस्फोट में कुल 329 लोग मारे गए थे।
इस हमले का मुख्य आरोपी कौन था?
इस हमले का मुख्य आरोपी तलविंदर सिंह परमार को माना गया था।
इस बम विस्फोट का कारण क्या था?
यह हमला खालिस्तानी उग्रवादियों द्वारा किया गया था।
इस घटना की 40वीं वर्षगांठ क्यों मनाई जा रही है?
इस दिन उन सभी 329 लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाई जा रही है, जो इस हमले में मारे गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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