केन्या की राष्ट्रीय असेंबली अध्यक्ष मोसेस वेटंगुला का चीन दौरा: शून्य शुल्क व्यापार और वैश्विक पहलों पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केन्या की राष्ट्रीय असेंबली के अध्यक्ष मोसेस वेटंगुला ने चीन के थ्येनचिन शहर में अपने हालिया दौरे के दौरान चीन-केन्या संबंधों को ऐतिहासिक रूप से मज़बूत करार दिया और कहा कि चीन अफ्रीका की उभरती अर्थव्यवस्थाओं का सबसे भरोसेमंद साझेदार बन चुका है। थ्येनचिन में आयोजित विधायकों के मैत्रीपूर्ण मंच के अवसर पर दिए गए इस बयान में वेटंगुला ने व्यापार, औद्योगिक विकास और वैश्विक शांति पहलों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
मैत्रीपूर्ण मंच का महत्व
थ्येनचिन में आयोजित विधायकों के इस मंच को वेटंगुला ने केन्या के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, चीन की उपस्थिति लगभग हर अफ्रीकी देश में स्पष्ट रूप से दिखती है — चाहे वह बुनियादी ढाँचा हो, व्यापार हो या तकनीकी सहयोग। उन्होंने कहा कि अन्य विकासशील देशों में भी यही स्थिति है।
वेटंगुला ने कहा कि सामाजिक विकास, आर्थिक वृद्धि, औद्योगीकरण, विनिर्माण, इंजीनियरिंग तकनीक और जन जीवन से जुड़े तमाम क्षेत्रों में चीन ने जो 'बड़ी छलांग' लगाई है, वह अनुकरणीय है।
शून्य शुल्क व्यापार नीति और किसानों को लाभ
वेटंगुला ने बताया कि चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले अफ्रीकी देशों — जिनमें केन्या भी शामिल है — से चीन को निर्यात होने वाले विभिन्न सामानों पर कोई कोटा नहीं लगाया गया है और उन पर शून्य शुल्क लागू है। उनके अनुसार, इस नीति से केन्या के चीन को निर्यात में भारी उछाल आया है और किसानों की आय में सीधी बढ़ोतरी हुई है।
यह ऐसे समय में आया है जब कई अफ्रीकी देश अपनी कृषि-निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए नए बाज़ार तलाश कर रहे हैं। चीन की शून्य शुल्क नीति ने इस दिशा में एक महत्वपूर्ण द्वार खोला है।
द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय
वेटंगुला ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष अप्रैल में केन्या और चीन के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को 'नए युग में चीन-केन्या साझे भविष्य वाले समुदाय' के स्तर तक ऊँचा उठाया था। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नई ऊँचाई बताया।
गौरतलब है कि अफ्रीकी देशों और चीन के बीच इस तरह के 'साझे भविष्य के समुदाय' वाले ढाँचे चीन की व्यापक वैश्विक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं।
राष्ट्रपति शी की चार वैश्विक पहलों का समर्थन
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत चार वैश्विक पहलों को वेटंगुला ने 'सम्पूर्ण मानव जाति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि यदि विश्व के देश इन पहलों पर दृढ़ रहें और उनका कार्यान्वयन करें, तो समस्त मानव जाति शांतिपूर्वक जीवन यापन कर सकेगी।
चीन के विकास के अनुभव को केन्या के लिए सीखने योग्य बताते हुए वेटंगुला ने दोनों देशों के बीच ज्ञान-साझेदारी और तकनीकी सहयोग की वकालत की।
आगे का परिदृश्य
थ्येनचिन मंच में हुई चर्चाओं से केन्या-चीन संबंधों को विधायी स्तर पर और मज़बूती मिलने की उम्मीद है। व्यापार विस्तार, कृषि-निर्यात और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में आने वाले समय में नई पहलें सामने आ सकती हैं।