मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख ने वांग यी से की मुलाकात, एक चीन नीति पर दिया ज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
मंगोलियाई राष्ट्रपति उखना खुरेलसुख ने 13 जून 2026 को उलान बटार में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस मुलाकात में मंगोलिया ने एक चीन सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।
मंगोलिया का एक चीन सिद्धांत पर दृढ़ रुख
राष्ट्रपति खुरेलसुख ने बैठक में स्पष्ट किया कि मंगोलिया एक चीन सिद्धांत पर पूरी तरह कायम है और ताइवान को चीन का अभिन्न अंग मानता है। उन्होंने यह भी कहा कि मंगोलिया किसी भी प्रकार की कथित ताइवानी स्वतंत्रता का समर्थन नहीं करता। इसके साथ ही उन्होंने हांगकांग, शीत्सांग और शिनच्यांग से जुड़े सवालों को चीन के आंतरिक मामले बताया।
द्विपक्षीय संबंधों की सराहना
राष्ट्रपति खुरेलसुख ने कहा कि मंगोलिया-चीन संबंध क्षेत्रीय देशों के बीच संबंधों की मिसाल बन चुके हैं। उन्होंने चीन को मंगोलिया का 'सबसे अच्छा पड़ोसी' बताते हुए कहा कि चीन के प्रति मित्रतापूर्ण नीति मंगोलिया की कूटनीति की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मंगोलिया अन्य देशों के साथ अपने संबंधों में चीन के हितों को किसी भी रूप में नुकसान नहीं पहुँचाएगा।
वांग यी का जवाब और सहयोग की प्रतिबद्धता
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक नेतृत्व में चीन-मंगोलिया संबंधों का सकारात्मक विकास जारी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष शांतिपूर्ण सहअस्तित्व, पारस्परिक सहायता और साझी जीत के आधार पर एक साझे भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। वांग यी ने यह भी कहा कि चीन इस साझा दृष्टिकोण को ठोस नीतियों और व्यावहारिक कदमों में बदलने को तैयार है।
बहुपक्षीय मंचों पर एकजुटता का संकल्प
वांग यी ने जोर देकर कहा कि चीन हमेशा से द्विपक्षीय संबंधों को अपनी पड़ोस नीति में केंद्रीय स्थान देता है। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर मंगोलिया के साथ एकजुटता और समन्वय मज़बूत करने की इच्छा व्यक्त की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और मंगोलिया अपनी 'तीसरे पड़ोसी' नीति के तहत अमेरिका व यूरोप से भी संबंध बनाए रखता है।