वांग यी-मार्को रूबियो मनीला बैठक: चीन ने एक-चीन सिद्धांत पर अमेरिका को दिया कड़ा संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 22 जुलाई 2025 को मनीला में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की और चीन-अमेरिका संबंधों को लेकर बीजिंग का स्पष्ट रुख सामने रखा। इस बैठक में वांग यी ने अमेरिका से मांग की कि वह चीन के मूल हितों का सम्मान करे और एक-चीन सिद्धांत का पालन करे।
मुख्य घटनाक्रम
वांग यी ने बैठक में कहा कि वर्ष 2025 चीन-अमेरिका संबंधों के लिए एक 'महत्वपूर्ण वर्ष' है। उन्होंने रेखांकित किया कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने बीजिंग में एक ऐतिहासिक शिखर बैठक सफलतापूर्वक संपन्न की, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता पर आधारित रचनात्मक संबंधों की रूपरेखा तय की गई।
वांग यी के अनुसार, यह बैठक दो प्रमुख शक्तियों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दोनों देशों की जनता के मूलभूत हितों के अनुरूप है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा अपेक्षाओं को दर्शाती है।
चीन का अमेरिका को संदेश
वांग यी ने अमेरिका द्वारा हाल ही में की गई कथित नकारात्मक टिप्पणियों और कार्रवाइयों पर चीन का दृढ़ रुख स्पष्ट किया। उन्होंने मांग की कि अमेरिका चीन की जायज चिंताओं का समाधान करे, विरोधाभासों और मतभेदों को प्रभावी ढंग से दूर करे, और इस वर्ष को चीन-अमेरिका संबंधों के लिए अवसरों से भरा वर्ष बनाए।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है कि वे दोनों राष्ट्रपतियों द्वारा निर्धारित मार्ग का अनुसरण करें, हस्तक्षेप समाप्त करें और बाधाएँ दूर करें, ताकि नेताओं के बीच हुई सहमति को समूची सरकार और सभी क्षेत्रों में व्यावहारिक कार्रवाई में बदला जा सके।
विश्व शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
वांग यी ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच रणनीतिक स्थिरता से विश्व शांति को बल मिलेगा और दोनों देशों के बीच रचनात्मक संवाद से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को महत्वपूर्ण गति प्राप्त होगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर कई क्षेत्रीय तनाव चरम पर हैं और दोनों महाशक्तियों की भूमिका पर दुनिया की नज़रें टिकी हैं।
क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श
दोनों पक्षों ने बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संवेदनशील मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया। गौरतलब है कि मनीला में यह बैठक दक्षिण-पूर्व एशिया के भू-राजनीतिक संदर्भ में विशेष महत्व रखती है, जहाँ चीन और अमेरिका दोनों के रणनीतिक हित आपस में टकराते रहे हैं।
आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मनीला में हुई इस उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों के संबंधों में व्यावहारिक स्तर पर क्या बदलाव आता है।