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वांग यी और टिन माउंग स्वे की बीजिंग में वार्ता, चीन-म्यांमार संबंधों को नई दिशा

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वांग यी और टिन माउंग स्वे की बीजिंग में वार्ता, चीन-म्यांमार संबंधों को नई दिशा

सारांश

बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी और म्यांमार के विदेश मंत्री टिन माउंग स्वे की वार्ता में 76 वर्षों की मित्रता, बेल्ट एंड रोड सहयोग और 'एक चीन' नीति पर सहमति बनी। म्यांमार की नई सरकार ने चीन के साथ संबंधों को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

वांग यी और टिन माउंग स्वे के बीच बीजिंग में द्विपक्षीय वार्ता हुई।
दोनों देशों ने 'बेल्ट एंड रोड' के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता वाले सहयोग को जारी रखने पर सहमति जताई।
म्यांमार ने 'एक चीन' सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और 'ताइवान स्वतंत्रता' का विरोध किया।
ऑनलाइन जुआ और दूरसंचार धोखाधड़ी के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई पर जोर दिया गया।
म्यांमार की नई सरकार ने चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे को आगे बढ़ाने और चीनी निवेशकों का स्वागत करने की प्रतिबद्धता जताई।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 6 जून 2025 को बीजिंग में म्यांमार के विदेश मंत्री टिन माउंग स्वे के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

76 वर्षों की मित्रता और पंचशील का संदर्भ

वांग यी ने बैठक में कहा कि पिछले 76 वर्षों में दोनों देशों ने पंचशील के सिद्धांतों का पालन करते हुए आपसी सहयोग और समर्थन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि वर्ष 2020 में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की म्यांमार यात्रा के बाद से द्विपक्षीय संबंध 'साझा भविष्य वाले समुदाय' के निर्माण के नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। चीन उच्च स्तरीय आदान-प्रदान बढ़ाने और राजनीतिक विश्वास को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

बेल्ट एंड रोड और आर्थिक सहयोग

वांग यी ने स्पष्ट किया कि चीन 'हस्तक्षेप न करने' के सिद्धांत का पालन करता है और म्यांमार के लोगों द्वारा चुने गए विकास मार्ग का सम्मान करता है। दोनों देश 'बेल्ट एंड रोड' के अंतर्गत उच्च गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाएंगे, जिसमें भूकंप पुनर्वास, जनकल्याण, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। उन्होंने ऑनलाइन जुआ और दूरसंचार धोखाधड़ी जैसे अंतरराष्ट्रीय अपराधों के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई पर भी जोर दिया।

म्यांमार की प्रतिक्रिया और 'एक चीन' नीति

टिन माउंग स्वे ने म्यांमार के विकास में चीन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि म्यांमार, राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तुत चार वैश्विक पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और 'एक चीन' सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है। साथ ही, 'ताइवान स्वतंत्रता' से जुड़ी किसी भी गतिविधि का विरोध करने की म्यांमार की स्थिति को उन्होंने दोहराया।

आगे की प्राथमिकताएँ

टिन माउंग स्वे के अनुसार, म्यांमार की नई सरकार चीन के साथ संबंधों को प्राथमिकता देती है और चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे के निर्माण को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने चीनी निवेशकों का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि म्यांमार, चीनी नागरिकों, संस्थानों और परियोजनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखेगा। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब म्यांमार में राजनीतिक संक्रमण के बीच क्षेत्रीय कूटनीति में तेजी आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

म्यांमार को हिंद महासागर तक पहुँच के रणनीतिक मार्ग के रूप में देखता है। ऑनलाइन धोखाधड़ी पर संयुक्त कार्रवाई का जोर उल्लेखनीय है, क्योंकि म्यांमार में चीनी नागरिकों से जुड़े साइबर अपराध केंद्र लंबे समय से विवाद का विषय रहे हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वांग यी और टिन माउंग स्वे की बीजिंग वार्ता में क्या तय हुआ?
दोनों विदेश मंत्रियों ने बेल्ट एंड रोड सहयोग, भूकंप पुनर्वास, व्यापार, निवेश और ऑनलाइन धोखाधड़ी के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई पर सहमति जताई। म्यांमार ने 'एक चीन' नीति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारा क्या है और इसका क्या महत्व है?
चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारा बेल्ट एंड रोड पहल का हिस्सा है, जो चीन को म्यांमार के रास्ते हिंद महासागर से जोड़ता है। इसमें बंदरगाह, सड़क और ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं, जो चीन के लिए रणनीतिक और व्यापारिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
म्यांमार ने 'एक चीन' नीति पर क्या रुख अपनाया?
म्यांमार के विदेश मंत्री टिन माउंग स्वे ने स्पष्ट किया कि म्यांमार 'एक चीन' सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है और 'ताइवान स्वतंत्रता' से जुड़ी किसी भी गतिविधि का विरोध करता है।
ऑनलाइन जुआ और दूरसंचार धोखाधड़ी पर चीन-म्यांमार की संयुक्त कार्रवाई क्यों अहम है?
म्यांमार के सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित साइबर अपराध केंद्रों में बड़ी संख्या में चीनी नागरिकों के फँसे होने की खबरें आती रही हैं। इसलिए दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर संयुक्त कार्रवाई का समझौता कूटनीतिक और सुरक्षा दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
2020 में शी चिनफिंग की म्यांमार यात्रा का क्या महत्व था?
वर्ष 2020 में राष्ट्रपति शी चिनफिंग की म्यांमार यात्रा के दौरान दोनों देशों ने 'साझा भविष्य वाले समुदाय' के निर्माण का संकल्प लिया था। वांग यी ने इस वार्ता में उल्लेख किया कि उसी यात्रा के बाद से द्विपक्षीय संबंध नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं।
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