1 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शी चिनफिंग और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की बीजिंग में वार्ता, कई समझौतों पर हस्ताक्षर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शी चिनफिंग और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की बीजिंग में वार्ता, कई समझौतों पर हस्ताक्षर

सारांश

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की बीजिंग में मुलाकात महज शिष्टाचार भेंट नहीं थी — यह संकटग्रस्त म्यांमार में चीन की रणनीतिक पकड़ को पुख्ता करने का स्पष्ट संकेत है। चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे को गति देने की प्रतिबद्धता के साथ कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

मुख्य बातें

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने 16 जून को बीजिंग में द्विपक्षीय वार्ता की।
शी ने चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे को बेल्ट एंड रोड पहल की प्रमुख परियोजना बताया और इसे आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
चीन ने म्यांमार की राष्ट्रीय प्रभुसत्ता और प्रादेशिक अखंडता के समर्थन की पुनः पुष्टि की और आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप के सिद्धांत पर जोर दिया।
वार्ता के बाद यातायात, जनजीवन सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए।
मिन आंग ह्लाइंग ने व्यापार और निवेश का स्तर उन्नत करने तथा चौतरफा सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंगलवार, 16 जून की सुबह बीजिंग में म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक म्यांमार के राष्ट्रपति की चीन यात्रा के दौरान हुई, जिसके बाद दोनों देशों के बीच यातायात और जनजीवन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

शी चिनफिंग के मुख्य वक्तव्य

वार्ता में शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और म्यांमार के बीच भाइयों जैसी गहरी मित्रता है और चीन इस संबंध को अपनी पड़ोसी कूटनीति का अहम स्तंभ मानता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चीन दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने के सिद्धांत पर दृढ़ रहता है और म्यांमार की राष्ट्रीय प्रभुसत्ता तथा प्रादेशिक अखंडता का समर्थन करता है।

शी ने यह भी कहा कि चीन, म्यांमार की नई सरकार द्वारा सुरक्षा और विकास में तालमेल बनाते हुए जनता के समर्थन से एक उपयुक्त विकास मार्ग अपनाने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने जोर दिया कि चीन म्यांमार का विश्वसनीय मित्र और रणनीतिक साझेदार है।

चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे पर जोर

चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे को शी ने बेल्ट एंड रोड पहल की प्रमुख परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इस गलियारे की अहम परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहिए। गौरतलब है कि म्यांमार में जारी आंतरिक संघर्ष के बीच इस गलियारे की कई परियोजनाएँ प्रभावित हुई हैं, जिससे इस आश्वासन का विशेष महत्त्व है।

मिन आंग ह्लाइंग का रुख

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि दोनों देशों के बीच भाइयों जैसी मित्रता का लंबा इतिहास है और अब दोनों देश एक साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने म्यांमार के विकास, स्थिरता, शांति और राष्ट्रीय सुलह के लिए चीन की दीर्घकालिक सहायता के प्रति आभार व्यक्त किया।

मिन आंग ह्लाइंग ने चीन के साथ चौतरफा सहयोग को और सुदृढ़ करने, चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे के संयुक्त निर्माण को गति देने तथा द्विपक्षीय व्यापार और निवेश का स्तर उन्नत करने की प्रतिबद्धता जताई।

समझौतों पर हस्ताक्षर

वार्ता की समाप्ति के बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में यातायात, जनजीवन और अन्य क्षेत्रों से संबंधित कई द्विपक्षीय सहयोग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब म्यांमार में आंतरिक संघर्ष जारी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय वहाँ की स्थिति पर गहरी नजर बनाए हुए है।

आगे की दिशा

इस वार्ता से दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की यह कूटनीतिक सक्रियता दर्शाती है कि बीजिंग म्यांमार में अपनी पकड़ बनाए रखने को लेकर गंभीर है, चाहे वहाँ की राजनीतिक परिस्थितियाँ कुछ भी हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि म्यांमार की जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाएँ। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की कूटनीतिक वैधता देना म्यांमार की सेना को अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचाती है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शी चिनफिंग और मिन आंग ह्लाइंग की बीजिंग वार्ता में क्या हुआ?
16 जून को बीजिंग में हुई इस वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की। वार्ता के बाद यातायात और जनजीवन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारा क्या है?
चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारा बेल्ट एंड रोड पहल की एक प्रमुख परियोजना है, जो चीन को म्यांमार के रास्ते हिंद महासागर से जोड़ती है। इसमें सड़क, रेल, बंदरगाह और औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं, हालाँकि म्यांमार में जारी संघर्ष के कारण कई परियोजनाएँ प्रभावित हुई हैं।
चीन ने म्यांमार की नई सरकार के बारे में क्या कहा?
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन म्यांमार की नई सरकार द्वारा सुरक्षा और विकास में तालमेल बनाते हुए जनता के समर्थन से उपयुक्त विकास मार्ग अपनाने का समर्थन करता है। चीन ने आंतरिक मामलों में अहस्तक्षेप के सिद्धांत पर जोर दिया।
मिन आंग ह्लाइंग की बीजिंग यात्रा का क्या महत्त्व है?
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब म्यांमार में आंतरिक संघर्ष जारी है और पश्चिमी देशों ने सैन्य सरकार पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं। चीन का उच्चस्तरीय स्वागत म्यांमार की सरकार को कूटनीतिक वैधता देता है और दोनों देशों के बीच रणनीतिक निकटता को दर्शाता है।
इस वार्ता के बाद दोनों देशों के संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
वार्ता से चीन-म्यांमार आर्थिक गलियारे की परियोजनाओं को गति मिलने और व्यापार व निवेश बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक दर्शाती है कि बीजिंग म्यांमार में अपनी रणनीतिक और आर्थिक उपस्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले