यूएन महासभा में चीन का स्पष्ट संदेश: म्यांमार के स्वतंत्र विकास पथ को पूर्ण समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र में चीन के उप स्थायी प्रतिनिधि सुन लेइ ने 19 जून को यूएन महासभा की म्यांमार विषयक औपचारिक बैठक में स्पष्ट किया कि चीन, म्यांमार का अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप विकास पथ चुनने में पूरी तरह समर्थन करता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब म्यांमार में आम चुनाव के बाद नई सरकार ने शासन की बागडोर संभाली है।
मुख्य घटनाक्रम
सुन लेइ ने महासभा में कहा कि इस वर्ष म्यांमार में आम चुनाव संपन्न हुए और नई सरकार ने सुचारू रूप से कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि नई सरकार घरेलू शांति और विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। चीन ने एक मैत्रीपूर्ण पड़ोसी के रूप में म्यांमार की राष्ट्रीय प्रभुसत्ता, सुरक्षा, प्रादेशिक अखंडता तथा राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
आसियान की भूमिका पर चीन का रुख
सुन लेइ ने कहा कि चीन, आसियान (ASEAN) द्वारा अपनी पद्धति से म्यांमार प्रश्न पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का समर्थन करता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह आसियान और क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर म्यांमार के साथ संपर्क को और मजबूत करे, ताकि वर्तमान सकारात्मक रुझान को स्थायित्व मिल सके। गौरतलब है कि आसियान ने म्यांमार संकट के समाधान के लिए 'पाँच-सूत्री सहमति' का प्रस्ताव पहले ही रखा हुआ है।
आम जनता पर असर और चीन की सहायता का वादा
सुन लेइ ने इस बात पर जोर दिया कि इस समय आर्थिक बहाली और जनजीवन का सुधार म्यांमार की जनता की सबसे तीव्र प्राथमिकता है। चीन ने आश्वासन दिया कि वह इस दिशा में यथासंभव सहायता जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि म्यांमार को दी जाने वाली सहायता बाधित न हो।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब म्यांमार पिछले कुछ वर्षों से राजनीतिक उथल-पुथल और मानवीय संकट से जूझ रहा है। चीन लंबे समय से म्यांमार के प्रमुख आर्थिक और राजनयिक साझेदारों में से एक रहा है। आलोचकों का कहना है कि बीजिंग की 'गैर-हस्तक्षेप' नीति कभी-कभी मानवाधिकार चिंताओं को नजरअंदाज करती है, जबकि चीन इसे संप्रभुता के सम्मान के रूप में परिभाषित करता है।
क्या होगा आगे
अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नजर अब इस पर होगी कि म्यांमार की नई सरकार आसियान और चीन के साथ मिलकर किस प्रकार आर्थिक पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ती है। चीन के इस स्पष्ट समर्थन के बाद म्यांमार में चीनी निवेश और द्विपक्षीय सहयोग की गति बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।