ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की माँग — अमेरिका-इजरायल हमलों का मुआवजा दिलाओ
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देश की न्यायपालिका से आग्रह किया है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान को हुए आर्थिक और गैर-आर्थिक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने तथा ईरानी नागरिकों के अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए ठोस और गंभीर कदम उठाए जाएँ। 25 अक्टूबर 2026 को सर्वोच्च नेता की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, यह बात उन्होंने न्यायपालिका प्रमुख गोलामहुसैन मोहसेनी-एजेई के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कही। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध एक और सैन्य अभियान चलाने के संकेत दिए हैं।
बैठक में उठाए गए मुख्य मुद्दे
खामेनेई और न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी-एजेई के बीच हुई इस बैठक में न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के कई पहलुओं पर चर्चा हुई। इनमें लोगों के अधिकारों की रक्षा, भ्रष्टाचार और उसके मूल कारणों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई, अदालतों में लंबित मामलों का त्वरित और सटीक निपटारा तथा न्यायिक फैसलों को समय पर और कड़ाई से लागू करना शामिल था।
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि ईरान की न्याय व्यवस्था में ऐसे व्यापक बदलाव लाए जाएँ जो आम नागरिकों को व्यावहारिक रूप से महसूस हों। अपराधों पर सख्त रोक के लिए ठोस कार्यक्रम बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
28 फरवरी का संयुक्त हमला: पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को इजरायल और अमेरिका ने तेहरान समेत ईरान के कई शहरों पर समन्वित सैन्य हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों व संपत्तियों को लक्ष्य बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कई लहरें चलाईं। साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी सामरिक पकड़ और मजबूत कर ली — जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत संवेदनशील जलमार्ग है।
गौरतलब है कि यह टकराव अब केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि कानूनी और राजनयिक मोर्चों पर भी लड़ा जाने लगा है। ईरान की न्यायपालिका को मुआवजे की माँग के लिए एक नए हथियार के रूप में उपयोग करने की यह रणनीति ध्यान खींचती है।
ट्रंप की चेतावनी और नए अभियान के संकेत
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को फ्लोरिडा में एक रैली के लिए रवाना होते समय पत्रकारों से कहा, 'फिलहाल ईरान ज्यादा कुछ नहीं कर सकता। अगर हम चाहें तो उसका सारा तेल अपने नियंत्रण में ले सकते हैं। हम पूरे देश पर भी कब्जा कर सकते हैं।'
जब उनसे संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज की उस टिप्पणी के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ संघर्ष एक वर्ष और चल सकता है, तो ट्रंप ने कहा, 'हम इसे बहुत जल्दी खत्म कर सकते हैं। सवाल यह है कि क्या हम इसे पूरी तरह खत्म करना चाहते हैं या फिर धीरे-धीरे कमजोर होने देना चाहते हैं।'
फ्लोरिडा की उसी रैली में ट्रंप ने एक और सैन्य अभियान की संभावना का संकेत देते हुए कहा, 'हो सकता है हम एक और छोटा 'एपिक फ्यूरी' अभियान चलाएँ।' यह उसी बड़े अभियान का संदर्भ था जो 28 फरवरी 2026 को इजरायल के समन्वित हमले के साथ शुरू किया गया था।
मिडटर्म चुनावों के बाद नए हमले की आशंका
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की सेनाएँ अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर संभावित नए हमलों की योजनाएँ तैयार कर रही हैं। हालाँकि, अमेरिकी मीडिया के मुताबिक यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप वास्तव में किसी नए सैन्य अभियान को मंजूरी देंगे या नहीं।
यह स्थिति ऐसे समय में और पेचीदा हो गई है जब ईरान की न्यायपालिका को अमेरिका-इजरायल के कथित 'अपराधों' के मुआवजे की कानूनी माँग का माध्यम बनाया जा रहा है — जो इस क्षेत्रीय संघर्ष में एक नया आयाम जोड़ता है।