ट्रंप का दावा: मोजतबा खामेनेई जीवित पर गंभीर घायल, ईरान युद्ध 'जल्द' खत्म होगा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 27 अगस्त 2026 को दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जीवित हैं, लेकिन गंभीर रूप से घायल हैं। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष 'काफी जल्द' समाप्त हो सकता है। यह बयान रूढ़िवादी प्रसारक ग्लेन बेक के साथ एक इंटरव्यू में आया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक ध्यान खींचा है।
खामेनेई की स्थिति पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा, 'मुझे नहीं लगता कि उनकी मौत हुई है। वह बहुत गंभीर रूप से घायल हुए हैं।' उन्होंने आगे दावा किया कि खामेनेई के शरीर का बायाँ हिस्सा — हाथ, पैर — बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हालाँकि, ट्रंप ने इस दावे के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि ईरानी अधिकारी अभी भी सर्वोच्च नेता से परामर्श लेने की बात करते हैं।
ट्रंप ने कहा, 'अगर वह नहीं हैं, तो वे बहुत अच्छा दिखावा कर रहे हैं, क्योंकि वे लगातार कह रहे हैं कि वे उनसे बात करने जा रहे हैं और विभिन्न मामलों पर उनकी अंतिम मंजूरी ले रहे हैं।' गौरतलब है कि ईरान की ओर से खामेनेई की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सैन्य अभियान और नाकाबंदी
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने नाकाबंदी से जुड़ी कार्रवाई के दौरान एक ही रात में 22 नौकाओं को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा, 'हमारी नौसेना ने शानदार काम किया है। हमारी पूरी सेना ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।' ट्रंप ने विश्वास जताया कि यह सैन्य अभियान शीघ्र ही एक बड़ी जीत में परिणत होगा और वेनेजुएला में मिली सफलता का हवाला देते हुए कहा कि ईरान में भी जल्द ऐसा ही होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल आवाजाही
ट्रंप के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी सामान्य रूप से कार्यरत है और वहाँ से बड़े पैमाने पर तेल की आवाजाही जारी है। उन्होंने बताया कि समुद्री बारूदी सुरंगें हटा दी गई हैं और जलडमरूमध्य पूरी तरह सक्रिय है। ट्रंप ने दावा किया कि एक दिन में लगभग 1 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हुई।
ईरान की कमज़ोर होती सैन्य क्षमता
ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुँचा है — उनकी नौसेना और वायुसेना लगभग पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ईरानी सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा और देश में महंगाई तेज़ी से बढ़ी है। ईरान में जन-विरोध की अनुपस्थिति पर ट्रंप ने कहा कि सुरक्षा बलों और स्नाइपर्स की मौजूदगी के कारण लोग सड़कों पर उतरने से डरते हैं।
परमाणु हथियार रोकना मुख्य लक्ष्य
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस पूरे संघर्ष का मूल उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने कहा, 'हम ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते। यही इस पूरे मामले का मुख्य मुद्दा है — 99.9 प्रतिशत मामला इसी से जुड़ा है।' उन्होंने यह भी माना कि संघर्ष के कारण ऊर्जा और आर्थिक मोर्चे पर कुछ चुनौतियाँ आईं, लेकिन अब कीमतें तेज़ी से नीचे आ रही हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका की कूटनीतिक और सैन्य रणनीति पर दुनिया की नज़र बनी रहेगी।