किम जोंग-उन की मौत की अफवाहें झूठी: दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी NIS का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया की शीर्ष खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को संसदीय समिति को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहीं उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की मृत्यु से जुड़ी सभी बातें निराधार अफवाहें हैं। एजेंसी ने यह जानकारी नेशनल असेंबली की इंटेलिजेंस कमेटी की एक बंद कमरे में आयोजित बैठक के दौरान सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों के सांसदों के समक्ष रखी।
सोशल मीडिया पर क्या दावे फैले थे
विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा वायरल हुआ था कि किम जोंग-उन को गंभीर मस्तिष्क रक्तस्राव (ब्रेन हेमरेज) हुआ, वे कोमा में चले गए और उनकी मृत्यु हो गई। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी इन दावों को प्रकाशित किया, हालांकि किसी ने भी इनके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने इन अफवाहों पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, मंगलवार को सरकारी मीडिया ने बताया था कि किम जोंग-उन ने एक दिन पूर्व प्योंगयांग में आयोजित एक परिधान और जूता प्रदर्शनी का दौरा किया था। जारी तस्वीरों में वे अपनी बेटी जू-ए के साथ प्रदर्शनी का निरीक्षण करते दिखाई दिए।
किम के स्वास्थ्य पर NIS का आकलन
पिछले महीने इसी संसदीय समिति को दी गई जानकारी में NIS ने बताया था कि 140 किलोग्राम से अधिक वजन वाले किम जोंग-उन गंभीर मोटापे के कारण हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम में हैं, परंतु फिलहाल उनके स्वास्थ्य में किसी तात्कालिक गंभीर समस्या के संकेत नहीं मिले हैं।
एजेंसी के अनुसार, किम बिना किसी कठिनाई के चल-फिर रहे हैं। एक युद्धपोत के निरीक्षण के दौरान उन्हें सीढ़ियाँ चढ़ते हुए दौड़ते भी देखा गया था। उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी के लिए विशेष चिकित्सा कर्मियों की एक समर्पित टीम तैनात है।
किम यो-जोंग की गतिविधियाँ और सीमा पर तनाव
शुक्रवार की बैठक में उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की वरिष्ठ नेता और किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग की गतिविधियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि उन्होंने उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा पर जारी किलेबंदी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उनके साथ उत्तर कोरिया के रक्षा मंत्रालय के सलाहकार पाक जोंग-चोन भी उपस्थित थे।
गौरतलब है कि अप्रैल 2024 से उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया के साथ अपनी सीमा को सुदृढ़ बनाने के प्रयास तेज़ करता रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ प्रचार प्रसारण करने वाले लाउडस्पीकर अभियान को फिर से शुरू करने की धमकी भी दी है और सीमा किलेबंदी को लेकर जारी तनाव के बीच गंभीर चेतावनी दी है।
आगे क्या होगा
NIS की अगले सप्ताह संसदीय समिति द्वारा पुनः समीक्षा की जानी है, जिसमें सांसदों द्वारा उत्तर कोरिया से जुड़े हालिया घटनाक्रमों और अन्य सुरक्षा मामलों पर विस्तृत चर्चा किए जाने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव पहले से ही ऊँचे स्तर पर बना हुआ है।