क्या दुनिया में सिर्फ एक चीन है?
सारांश
Key Takeaways
- दुनिया में एक चीन नीति को लेकर विभिन्न देशों की राय है।
- साने ताकाइची का बयान विवादास्पद है।
- अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को बनाए रखना आवश्यक है।
बीजिंग, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के विवादास्पद बयान पर कई देशों के लोगों ने स्पष्ट किया कि दुनिया में केवल एक चीन है। साने ताकाइची के इस बयान ने सैन्य विस्तार के इरादे को उजागर किया है, जो क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है।
दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय की अधिकारी ज़ोडवा लाली ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका का रुख स्पष्ट है। दक्षिण अफ्रीका दृढ़ता से एक चीन की नीति का पालन करता है। थाईवान चीन की प्रादेशिक भूमि का एक अभिन्न हिस्सा है। यह हमारे लिए एक तथ्य है, इस पर कोई चर्चा की आवश्यकता नहीं है।
नाइजीरिया के अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ वूपी ने कहा कि साने ताकाइची का बयान अनुचित है। थाईवान से जुड़े सभी मुद्दे चीन के आंतरिक मामले हैं। किसी अन्य देश को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। जापानी प्रधानमंत्री का यह बयान क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाएगा और सुरक्षा के नए मुद्दे उत्पन्न करेगा।
यूरोपीय संसद के पूर्व सदस्य मले ने कहा कि साने ताकाइची का यह गलत बयान न केवल चीन और कोरियाई प्रायद्वीप के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्थिति की स्थिरता के लिए भी खतरा है। जापान के शांतिवादी संविधान को शांति और निरस्त्रीकरण की गारंटी देनी चाहिए थी। लेकिन साने ताकाइची का यह बयान अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीरता से प्रभावित कर रहा है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)