क्या ग्रीनलैंड डेनमार्क का 'प्राकृतिक हिस्सा' नहीं है?: रूसी विदेश मंत्री लावरोव
सारांश
Key Takeaways
- ग्रीनलैंड को डेनमार्क का हिस्सा नहीं माना जाता।
- रूस अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा करेगा।
- पश्चिमी देशों द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो रहा है।
- रूस ग्रीनलैंड के मामलों में दखल नहीं देगा।
- ट्रंप की घोषणाएं संभावित व्यापार विवाद का कारण बन सकती हैं।
मास्को, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ग्रीनलैंड को डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा मानने से इनकार किया है। उन्होंने एक प्रेस वार्ता में कहा कि रूस किसी के अधिकारों को चुनौती नहीं देता, लेकिन खुद को नजरअंदाज करने की अनुमति भी नहीं दे सकता।
रूसी डिप्लोमेसी के 2025 के परिणामों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में लावरोव ने पश्चिम के भीतर "संकट की प्रवृत्तियों" के बारे में चर्चा की, जिसमें ग्रीनलैंड एक प्रमुख उदाहरण है, क्योंकि यह नाटो में भी तनाव उत्पन्न कर रहा है। उन्होंने कहा, “पिछले एक दशक से पश्चिमी देश अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल स्वरूप का सक्रिय रूप से विरोध कर रहे हैं।”
लावरोव ने कहा कि रूस ग्रीनलैंड के आसपास की गंभीर भू-राजनीतिक स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उन्होंने बताया कि रूस, ग्रीनलैंड के मामलों में दखल देने में रुचि नहीं रखता है और वाशिंगटन को यह पता है कि रूस की ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है।
लावरोव के अनुसार, ग्रीनलैंड डेनमार्क का प्राकृतिक हिस्सा नहीं है। उनके अनुसार, "यह न तो नॉर्वे का प्राकृतिक हिस्सा था और न ही डेनमार्क का। यह एक औपनिवेशिक जीत का हिस्सा है। हालांकि, वहां के लोग अब इसके आदी हो गए हैं और सहज महसूस करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि रूस अपने कानूनी अधिकारों की अनदेखी नहीं करने देगा। उन्होंने कहा, "रूस हमेशा अपने हितों की रक्षा करेगा, किसी के भी कानूनी अधिकारों को चुनौती नहीं देगा, लेकिन वह अपने कानूनी अधिकारों को भी हल्के में नहीं लेने देगा।"
यूरोपीय देशों ने कहा है कि ट्रंप की 'ग्रीनलैंड टैरिफ' घोषणा पिछले साल उनके प्रशासन के साथ हुए ट्रेड डील का उल्लंघन करेगी। ईयू नेता गुरुवार को ब्रसेल्स में एक आपातकालीन सम्मेलन में संभावित जवाबी कार्रवाई पर चर्चा करेंगे।