क्या ग्रीनलैंड पर अमेरिकी आक्रमण से नाटो को नुकसान होगा?

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क्या ग्रीनलैंड पर अमेरिकी आक्रमण से नाटो को नुकसान होगा?

सारांश

स्पेनिश पीएम पेड्रो सांचेज ने कहा है कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड पर आक्रमण करता है तो इसके नाटो और वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव होंगे। यह स्थिति रूस के लिए फायदेमंद होगी। जानें इस साक्षात्कार के प्रमुख बिंदु और वैश्विक सुरक्षा पर इसके प्रभाव के बारे में।

Key Takeaways

  • ग्रीनलैंड पर अमेरिकी आक्रमण से नाटो की एकता प्रभावित हो सकती है।
  • रूसी राष्ट्रपति पुतिन को इस स्थिति से लाभ हो सकता है।
  • यह वैश्विक सुरक्षा के लिए एक नाजुक समय है।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल करने के निर्णय का यूरोपीय संघ के सदस्यों ने कड़ा विरोध किया है। विभिन्न देशों ने इसे गलत करार दिया है। इस बीच, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज का एक साक्षात्कार चर्चा में है। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि यदि अमेरिका ग्रीनलैंड पर हमला कर उसे अपने अधीन लाता है, तो इसके दूरगामी भू-राजनीतिक परिणाम होंगे। इससे नाटो की एकता प्रभावित होगी, और इसका सबसे अधिक लाभ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को होगा, क्योंकि इससे उनके लिए यूक्रेन पर कब्जा करना आसान हो जाएगा।

रविवार को एक अखबार में छपी इस बातचीत में सांचेज ने कहा कि ऐसा कदम रूस के यूक्रेन पर हमले को सही ठहराएगा और वैश्विक सुरक्षा के इस नाजुक समय में पश्चिमी गठबंधन को कमजोर करेगा।

स्पेन के ला वैनगार्डिया अखबार से बात करते हुए सांचेज ने कहा कि डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दूरगामी जियोपॉलिटिकल नतीजे होंगे। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पर बल प्रयोग को सामान्य बनाकर एक खतरनाक मिसाल स्थापित करेगा, जिसकी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस की कड़ी निंदा की गई है। सांचेज ने कहा कि इससे पुतिन "दुनिया के सबसे खुश आदमी" बन जाएंगे, क्योंकि यह मास्को के खिलाफ नाटो के नैतिक और राजनीतिक रुख को कमजोर करेगा।

वास्तव में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड के समर्थन में खड़े हुए 27 में से 8 यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है। उन्होंने टूथ सोशल पर लिखा, "हमने डेनमार्क और यूरोपीय संघ के सभी देशों को कई वर्षों तक सब्सिडी दी है, उनसे टैरिफ या किसी अन्य तरह का मेहनताना नहीं लिया। अब, सदियों बाद, डेनमार्क के लिए वापस देने का समय आ गया है; दुनिया की शांति दांव पर है। चीन और रूस ग्रीनलैंड चाहते हैं, और डेनमार्क इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता। उनके पास अभी सुरक्षा के लिए दो डॉगस्लेज हैं, जिनमें से एक हाल ही में जोड़ा गया है।"

इसके बाद, ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ग्रीनलैंड पर हमारी राय बहुत स्पष्ट है; यह डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और इसका भविष्य ग्रीनलैंडर्स और डेनमार्क का मामला है। हमने यह भी स्पष्ट किया है कि आर्कटिक सुरक्षा पूरे नाटो के लिए महत्वपूर्ण है और सहयोगी देशों को आर्कटिक के विभिन्न हिस्सों में रूस के खतरे का सामना करने के लिए और अधिक काम करना चाहिए। नाटो सहयोगियों की सुरक्षा के लिए टैरिफ लगाना पूरी तरह से गलत है। हम निश्चित रूप से इस मुद्दे को सीधे अमेरिकी सरकार के सामने उठाएंगे।"

बदलते घटनाक्रम के बीच, ईयू ने अपने सभी राजदूतों की आपातकालीन बैठक बुला ली है। यूरोपीय संघ के 27 देशों के राजदूत रविवार को एक इमरजेंसी मीटिंग के लिए इकट्ठा होंगे। साइप्रस, जो कि छह महीने के लिए ईयू की रोटेटिंग प्रेसिडेंसी है, ने शनिवार रात कहा कि उसने रविवार को यह मीटिंग बुलाई है।

Point of View

वैश्विक सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लेना आवश्यक है। ग्रीनलैंड पर अमेरिकी आक्रमण से नाटो की एकता को कमजोर करने का खतरा है, जो कि वैश्विक भू-राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
NationPress
18/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या अमेरिका ग्रीनलैंड पर हमला कर सकता है?
हालांकि अमेरिका के ग्रीनलैंड पर हमले की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इस विषय पर चर्चा जारी है।
स्पेनिश पीएम का क्या कहना है?
स्पेनिश पीएम पेड्रो सांचेज ने कहा है कि ऐसा कदम नाटो की एकता को कमजोर कर सकता है।
इस स्थिति का रूस पर क्या प्रभाव होगा?
यह स्थिति रूस को यूक्रेन पर कब्जा करने का एक अवसर दे सकती है।
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