पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति की वार्ता; कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर

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पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति की वार्ता; कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर

सारांश

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया। इस वार्ता से यह संकेत मिलता है कि रूस इस मुश्किल समय में ईरान का समर्थन कर सकता है।

Key Takeaways

  • पुतिन और पेजेश्कियन के बीच वार्ता हुई।
  • तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
  • रूस ईरान का समर्थन कर सकता है।
  • अमेरिका और इजरायल के हमलों पर चिंता व्यक्त की गई।
  • भारत को रूस से तेल खरीदने का निर्णय खुद लेना होगा।

नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच टेलीफोन पर बातचीत की गई। इस वार्ता से यह संकेत मिलता है कि रूस इस कठिन समय में ईरान का समर्थन कर सकता है। हालाँकि, पुतिन ने तनाव को कम करने और मामले को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने का आग्रह किया है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बारे में जानकारी दी, जिसमें पुतिन ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों में हुई आम लोगों की मौत पर भी दुख प्रकट किया।

पुतिन ने कहा कि वह गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के सदस्य देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। वहीं, पेजेश्कियन ने ईरानी लोगों के साथ रूस के एकजुटता के लिए पुतिन का धन्यवाद किया।

रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान अपनी संप्रभुता और आज़ादी की रक्षा कर रहा है। दोनों नेताओं ने ईरानी पक्ष के साथ विभिन्न माध्यमों से संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।

इस बीच, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच तेल एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका ने लंबे समय से भारत पर रूस से तेल न खरीदने का दबाव बनाया है, लेकिन हालात ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत को खुद ही निर्णय लेना होगा।

अलीपोव ने कहा, "समाधान हमेशा बातचीत से होता है। संघर्ष जल्द समाप्त होना चाहिए।" उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की अटकलों के बीच कहा कि आपूर्ति का निर्णय भारत को खुद करना है।

रूस ने 28 फरवरी को बिना कारण ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले की आलोचना की थी। साथ ही, तत्काल राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया था।

रूसी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची ने ईरान की पहल पर टेलीफोन पर बातचीत की।

बातचीत के बाद जारी बयान में कहा गया, "ईरानी मंत्री ने अमेरिका और इजरायल के हमले को रोकने के लिए ईरानी नेतृत्व के कदमों के बारे में जानकारी दी, जिसने एक बार फिर ईरानी न्यूक्लियर प्रोग्राम के शांतिपूर्ण हल के लिए बातचीत में बाधा डाली है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की योजना की भी घोषणा की।"

Point of View

जिसमें दोनों नेताओं ने तनाव को कम करने की आवश्यकता पर सहमति जताई है। रूस का समर्थन ईरान के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की स्थिति को भी ध्यान में रखना होगा।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

पुतिन और पेजेश्कियन के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्या था?
बातचीत का मुख्य उद्देश्य तनाव को कम करना और मामलों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाना था।
क्या रूस ईरान का समर्थन करेगा?
हां, पुतिन ने संकेत दिया है कि रूस इस कठिन समय में ईरान का समर्थन कर सकता है।
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमलों पर क्या प्रतिक्रिया थी?
पुतिन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के हमलों में हुई आम लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया।
भारत को रूस से तेल खरीदने के बारे में अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिका ने भारत पर दबाव बनाया है कि वह रूस से तेल न खरीदे, लेकिन हालात ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है।
क्या ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए हैं?
ईरानी मंत्री ने ईरानी नेतृत्व के कदमों की जानकारी दी है, जो अमेरिका और इजरायल के हमले को रोकने के लिए हैं।
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