ब्राजील राष्ट्रपति लूला ने PM मोदी का जताया आभार, BRICS और G20 में वैश्विक दक्षिण की आवाज मिलकर उठाने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने 28 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई संदेश के लिए सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को पराजित कर चौथी बार सत्ता में लौटे लूला ने कहा कि भारत और ब्राजील मिलकर वैश्विक दक्षिण की आवाज को बुलंद करते रहेंगे।
लूला का आभार संदेश और भारत से जुड़ाव
लूला ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'मेरे मित्र प्रधानमंत्री मोदी को बधाई के लिए आपका आभार। इस साल फरवरी में भारत की अपनी यात्रा के सुखद पलों को सोच कर ही मुझे हर्ष की अनुभूति होती है।' उन्होंने उस यात्रा का स्मरण किया जिसके दौरान दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने के लिए ठोस कदम उठाए थे। यह पहली बार नहीं है जब दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी मित्रता का इज़हार किया हो — मोदी ने भी जीत के बाद लूला को 'प्रिय मित्र' संबोधित करते हुए बधाई दी थी।
व्यापार, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी में सहयोग पर जोर
लूला ने स्पष्ट किया कि भारत की फरवरी 2026 की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष सहमति बनी थी। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दोनों देश उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग को नई गति देने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि भारत और ब्राजील दोनों ही BRICS और G20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर विकासशील देशों के हितों के प्रमुख पैरोकार रहे हैं।
BRICS अध्यक्षता और बहुपक्षवाद की रक्षा
लूला ने 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहे भारत को बधाई देते हुए कहा कि भारत पिछले साल ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान किए गए कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया, 'BRICS और G20 में भारत तथा ब्राजील साथ मिलकर बहुपक्षवाद की रक्षा करने, वैश्विक दक्षिण की आवाज को बुलंद करने और अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी तथा शांतिपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के निर्माण के लिए काम करते रहेंगे।' यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाली वैश्विक संस्थाओं में सुधार की माँग तेज़ हो रही है।
ऐतिहासिक चुनाव परिणाम: 1988 के बाद पहली बार
राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में लूला को कुल वैध मतों का 51.79% वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी बोल्सोनारो को 48.21%। पहले दौर के मतदान में लूला बोल्सोनारो से पीछे चल रहे थे, लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने शानदार वापसी की। 1988 के बाद ब्राजील के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि पहले दौर में पिछड़ने वाला उम्मीदवार दूसरे दौर में विजयी रहा हो। इस जीत से लूला चौथी बार ब्राजील की कमान संभाल रहे हैं।
भारत-ब्राजील संबंधों की आगे की राह
दोनों देशों के बीच इस नई ऊर्जा से भरी कूटनीतिक आदान-प्रदान का असर आने वाले BRICS शिखर सम्मेलनों और G20 बैठकों में दिख सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, लूला की चौथी पारी और भारत की BRICS अध्यक्षता का एक साथ होना दोनों देशों को वैश्विक मंच पर अपनी साझी प्राथमिकताओं को आकार देने का दुर्लभ अवसर देता है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।