क्या मेदवेदेव ने जंग चाहने वाले यूरोपीय देशों को 'मूर्ख' कहा?
सारांश
Key Takeaways
- मेदवेदेव ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है।
- यूक्रेन में नाटो सैनिकों की तैनाती रूस के लिए अस्वीकार्य है।
- फ्रांस और ब्रिटेन के शांति सैनिक तैनात करने की योजना पर प्रतिक्रिया।
मास्को, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रूस के सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यूक्रेन में किसी भी यूरोपीय या नाटो सैन्य टुकड़ी की तैनाती मास्को के लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस बयान के साथ-साथ यूक्रेन की महत्वपूर्ण संरचना पर ओरेशनिक मिसाइल हमले का एक वीडियो भी साझा किया।
मेदवेदेव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंग्रेजी में लिखा, "सत्ताधारी मूर्ख यूरोपीय देश यूरोप में युद्ध चाहते हैं। यह बात बार-बार कही गई है: रूस यूक्रेन में किसी भी यूरोपीय या नाटो सैनिक की तैनाती को मंजूर नहीं करेगा।" उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधते हुए इसे "बकवास" कहा और इसके साथ ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल दागने का वीडियो साझा करते हुए कहा, "ठीक है, तो फिर चलो। तुम्हें यही मिलेगा।"
इस बयान का समय विशेष महत्व रखता है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब फ्रांस और ब्रिटेन ने शांति समझौते के बाद यूक्रेन में शांति सैनिक तैनात करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसे रूस "वैध लक्ष्य" मानता है।
रूसी अधिकारियों ने पहले ही यूरोप की प्रस्तावित सुरक्षा गारंटी को खारिज कर दिया है, जिसमें नाटो देशों की भागीदारी वाली कोई भी टुकड़ी शामिल नहीं होगी, लेकिन रूस इसे किसी भी नाटो सदस्य देश की तैनाती के रूप में देखता है।
मेदवेदेव ने पहले भी ब्रिटेन की सैन्य तैनाती को रूस के खिलाफ युद्ध की घोषणा बताया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यह स्थिति तनाव बढ़ा रही है, जहां पश्चिमी देश यूक्रेन की रक्षा के लिए सैन्य सहायता बढ़ा रहे हैं, जबकि रूस इसे युद्ध में भागीदारी मानता है।
शुक्रवार को ही रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो क्लिप साझा की थी जिसमें दावा किया गया था कि गुरुवार-शुक्रवार की रात उन्होंने यूक्रेन पर ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइलें दागी थीं। रूस के अनुसार, ये राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर किए गए हमले का जवाब था। इंटरमीडिएट-रेंज ओरेशनिक एक ऐसी मिसाइल है जिसके बारे में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया था कि इसे इंटरसेप्ट करना नामुमकिन है क्योंकि इसकी कथित गति आवाज की स्पीड से 10 गुना अधिक है।