ट्रंप के प्रवासी-विरोधी आदेश से मैक्सिको चिंतित, राष्ट्रपति शीनबॉम ने रेमिटेंस पर असर का आकलन शुरू किया
सारांश
मुख्य बातें
मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने 22 मई 2026 को पुष्टि की कि उनकी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 19 मई को हस्ताक्षरित नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के संभावित प्रभावों का विश्लेषण कर रही है। यह आदेश बिना कानूनी दस्तावेज़ों के अमेरिका में रह रहे प्रवासियों की बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच को सीमित कर सकता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इससे मैक्सिको को भेजे जाने वाले रेमिटेंस — यानी विदेश से भेजी जाने वाली रकम — पर असर पड़ सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति शीनबॉम ने अपनी नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मैक्सिको का वित्त मंत्रालय और अमेरिका में नए मैक्सिकन राजदूत रॉबर्टो लाजेरी मिलकर इस मामले का गहन अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती समीक्षा में फिलहाल कोई बड़ा तात्कालिक खतरा नज़र नहीं आ रहा, हालाँकि विश्लेषण अभी जारी है।
ट्रंप के इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत बैंकों और वित्तीय नियामक संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि वे ग्राहकों की नागरिकता और इमिग्रेशन स्थिति से जुड़े संदिग्ध संकेतों पर नज़र रखें। इससे सीमा-पार धन हस्तांतरण और बैंक खाता खोलने के लिए इस्तेमाल होने वाले पहचान-पत्रों की निगरानी और सख्त हो जाएगी।
ट्रंप की दलील
व्हाइट हाउस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में ट्रंप ने कहा, 'इनमें से कई कर्जदारों को देश से निकाले जाने का डर है। या फिर उनके नियोक्ताओं द्वारा इमिग्रेशन कानूनों का पालन करने के कारण उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। कानूनी तौर पर काम करने की अनुमति न रखने वाले विदेशियों को कर्ज देना बैंकिंग व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति 'राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करती है।' यह कदम अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
रेमिटेंस टैक्स का खतरा
गौरतलब है कि इसी बीच अमेरिकी कांग्रेस में विदेश भेजे जाने वाले पैसों यानी रेमिटेंस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा चल रही है। अभी केवल नकद लेनदेन पर 1 प्रतिशत टैक्स लागू है। यह प्रस्ताव मैक्सिकन अधिकारियों के लिए अतिरिक्त चिंता का विषय बन गया है।
मैक्सिको के अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसा टैक्स लागू किया गया, तो यह 'दोहरी टैक्स वसूली' जैसा होगा — क्योंकि मैक्सिकन प्रवासी पहले से ही अमेरिका में टैक्स भरते हैं। रेमिटेंस मैक्सिको की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा का एक प्रमुख स्रोत है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब लाखों मैक्सिकन परिवार अमेरिका से भेजी जाने वाली रकम पर निर्भर हैं। यदि बैंकिंग प्रतिबंध कड़े होते हैं, तो प्रवासियों के लिए पैसे भेजना महंगा और जटिल हो सकता है, जिसका सीधा असर मैक्सिको में उनके परिजनों की आजीविका पर पड़ेगा।
आगे क्या होगा
मैक्सिको का वित्त मंत्रालय और राजदूत लाजेरी की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने वाली है। विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर है कि क्या मैक्सिको सरकार कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका से इस मुद्दे पर बातचीत करेगी, या घरेलू वित्तीय विकल्प तैयार करने की दिशा में कदम उठाएगी।