ट्रंप के प्रवासी-विरोधी आदेश से मैक्सिको चिंतित, राष्ट्रपति शीनबॉम ने रेमिटेंस पर असर का आकलन शुरू किया

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ट्रंप के प्रवासी-विरोधी आदेश से मैक्सिको चिंतित, राष्ट्रपति शीनबॉम ने रेमिटेंस पर असर का आकलन शुरू किया

सारांश

ट्रंप के नए आदेश ने अमेरिका में बिना दस्तावेज़ प्रवासियों की बैंकिंग सेवाओं पर शिकंजा कसा है। मैक्सिको की राष्ट्रपति शीनबॉम ने रेमिटेंस पर पड़ने वाले असर का आकलन शुरू कराया है। ऊपर से 5% रेमिटेंस टैक्स का प्रस्ताव — मैक्सिकन परिवारों के लिए दोहरी मार की आशंका।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 19 मई 2026 को एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत बैंकों को प्रवासियों की इमिग्रेशन स्थिति पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए।
मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने वित्त मंत्रालय और राजदूत रॉबर्टो लाजेरी को इस आदेश के रेमिटेंस पर प्रभाव का आकलन करने के निर्देश दिए।
शुरुआती समीक्षा में मैक्सिकन सरकार को फिलहाल कोई बड़ा तात्कालिक खतरा नज़र नहीं आ रहा।
अमेरिकी कांग्रेस में रेमिटेंस पर 5% टैक्स का प्रस्ताव विचाराधीन है; अभी नकद लेनदेन पर केवल 1% टैक्स लागू है।
मैक्सिकन अधिकारियों ने इसे 'दोहरी टैक्स वसूली' बताया, क्योंकि प्रवासी पहले से अमेरिका में टैक्स देते हैं।

मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने 22 मई 2026 को पुष्टि की कि उनकी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 19 मई को हस्ताक्षरित नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के संभावित प्रभावों का विश्लेषण कर रही है। यह आदेश बिना कानूनी दस्तावेज़ों के अमेरिका में रह रहे प्रवासियों की बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुँच को सीमित कर सकता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि इससे मैक्सिको को भेजे जाने वाले रेमिटेंस — यानी विदेश से भेजी जाने वाली रकम — पर असर पड़ सकता है।

मुख्य घटनाक्रम

राष्ट्रपति शीनबॉम ने अपनी नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मैक्सिको का वित्त मंत्रालय और अमेरिका में नए मैक्सिकन राजदूत रॉबर्टो लाजेरी मिलकर इस मामले का गहन अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती समीक्षा में फिलहाल कोई बड़ा तात्कालिक खतरा नज़र नहीं आ रहा, हालाँकि विश्लेषण अभी जारी है।

ट्रंप के इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत बैंकों और वित्तीय नियामक संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि वे ग्राहकों की नागरिकता और इमिग्रेशन स्थिति से जुड़े संदिग्ध संकेतों पर नज़र रखें। इससे सीमा-पार धन हस्तांतरण और बैंक खाता खोलने के लिए इस्तेमाल होने वाले पहचान-पत्रों की निगरानी और सख्त हो जाएगी।

ट्रंप की दलील

व्हाइट हाउस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में ट्रंप ने कहा, 'इनमें से कई कर्जदारों को देश से निकाले जाने का डर है। या फिर उनके नियोक्ताओं द्वारा इमिग्रेशन कानूनों का पालन करने के कारण उन्हें अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। कानूनी तौर पर काम करने की अनुमति न रखने वाले विदेशियों को कर्ज देना बैंकिंग व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति 'राष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करती है।' यह कदम अवैध प्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

रेमिटेंस टैक्स का खतरा

गौरतलब है कि इसी बीच अमेरिकी कांग्रेस में विदेश भेजे जाने वाले पैसों यानी रेमिटेंस पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा चल रही है। अभी केवल नकद लेनदेन पर 1 प्रतिशत टैक्स लागू है। यह प्रस्ताव मैक्सिकन अधिकारियों के लिए अतिरिक्त चिंता का विषय बन गया है।

मैक्सिको के अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसा टैक्स लागू किया गया, तो यह 'दोहरी टैक्स वसूली' जैसा होगा — क्योंकि मैक्सिकन प्रवासी पहले से ही अमेरिका में टैक्स भरते हैं। रेमिटेंस मैक्सिको की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा का एक प्रमुख स्रोत है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब लाखों मैक्सिकन परिवार अमेरिका से भेजी जाने वाली रकम पर निर्भर हैं। यदि बैंकिंग प्रतिबंध कड़े होते हैं, तो प्रवासियों के लिए पैसे भेजना महंगा और जटिल हो सकता है, जिसका सीधा असर मैक्सिको में उनके परिजनों की आजीविका पर पड़ेगा।

आगे क्या होगा

मैक्सिको का वित्त मंत्रालय और राजदूत लाजेरी की टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने वाली है। विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर है कि क्या मैक्सिको सरकार कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका से इस मुद्दे पर बातचीत करेगी, या घरेलू वित्तीय विकल्प तैयार करने की दिशा में कदम उठाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल जोखिम उन लाखों परिवारों के लिए है जो रेमिटेंस पर जीवित हैं। 5% रेमिटेंस टैक्स प्रस्ताव और बैंकिंग प्रतिबंध एक साथ लागू हुए तो यह मैक्सिकन अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर झटका हो सकता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि यह कदम ट्रंप प्रशासन की उस रणनीति का हिस्सा है जो प्रवासियों को सीधे निर्वासित करने की बजाय आर्थिक रूप से इतना असहज बना दे कि वे स्वयं लौट जाएँ।
RashtraPress
22 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप के नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में प्रवासियों के लिए क्या प्रावधान हैं?
19 मई 2026 को हस्ताक्षरित इस आदेश के तहत बैंकों और वित्तीय नियामक संस्थाओं को ग्राहकों की नागरिकता और इमिग्रेशन स्थिति से जुड़े संदिग्ध संकेतों पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बिना दस्तावेज़ प्रवासियों के लिए बैंक खाता खोलना, कर्ज लेना और सीमा-पार पैसे भेजना कठिन हो सकता है।
मैक्सिको की राष्ट्रपति शीनबॉम ने इस आदेश पर क्या कदम उठाए हैं?
राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम ने वित्त मंत्रालय और अमेरिका में मैक्सिकन राजदूत रॉबर्टो लाजेरी को इस आदेश के रेमिटेंस पर प्रभाव का विश्लेषण करने के निर्देश दिए हैं। शुरुआती समीक्षा में उन्होंने कहा कि फिलहाल कोई बड़ा तात्कालिक खतरा नज़र नहीं आ रहा।
क्या अमेरिका रेमिटेंस पर टैक्स लगाने वाला है?
अमेरिकी कांग्रेस में विदेश भेजे जाने वाले पैसों पर 5% टैक्स लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन है, जबकि अभी केवल नकद लेनदेन पर 1% टैक्स लागू है। यह प्रस्ताव अभी कानून नहीं बना है, लेकिन मैक्सिकन अधिकारियों ने इस पर गहरी चिंता जताई है।
मैक्सिको की अर्थव्यवस्था के लिए रेमिटेंस कितना महत्वपूर्ण है?
रेमिटेंस मैक्सिको की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा का एक प्रमुख स्रोत है। अमेरिका में काम करने वाले लाखों मैक्सिकन नागरिक नियमित रूप से अपने परिवारों को पैसे भेजते हैं, जिस पर कई परिवारों की आजीविका निर्भर है।
मैक्सिको ने 'दोहरी टैक्स वसूली' का आरोप क्यों लगाया है?
मैक्सिकन अधिकारियों का तर्क है कि मैक्सिकन प्रवासी पहले से ही अमेरिका में अपनी आय पर टैक्स देते हैं। ऐसे में यदि उनके द्वारा भेजी जाने वाली रकम पर अलग से 5% रेमिटेंस टैक्स लगाया जाए, तो यह एक ही आय पर दो बार कर वसूलने जैसा होगा।
राष्ट्र प्रेस
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