नेपाल के गोरखा जिले में भूस्खलन से बुढ़ी गंडकी में बाढ़, 5 लापता; 47 लोगों को बचाया गया
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के पश्चिमी गोरखा जिले में 11 अक्टूबर 2026 (रविवार) को भीषण भूस्खलन के बाद बुढ़ी गंडकी नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया, जिसके कारण मलबे के साथ तेज बाढ़ आई और 5 लोग लापता हो गए। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, नेपाल सेना के हेलीकॉप्टरों ने अब तक 47 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।
घटनाक्रम: कहाँ और कैसे हुई आपदा
NDRRMA के अनुसार, भूस्खलन चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के लोकपा और चुमलिंग क्षेत्रों के बीच हुआ। भारी मात्रा में मलबा नदी में आ गिरा, जिससे बुढ़ी गंडकी का प्रवाह थम गया और उसके बाद अचानक तेज बाढ़ आई। बाढ़ के पानी ने कई पुल बहा दिए और अनेक मकान भी पानी की चपेट में आ गए।
जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग को सुबह 6 बजे बाढ़ की सूचना मिली। तत्काल प्रभाव से गोरखा, धादिंग और चितवन जिले के चैनिघाट तक के निवासियों को एसएमएस के माध्यम से शुरुआती चेतावनी भेजी गई।
लापता लोग: कौन हैं और कहाँ से थे
प्राधिकरण के मुताबिक, लापता 5 लोगों में 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं। ये सभी ग्रामीण नगरपालिका के उंगिलुंग क्षेत्र में एक अस्थायी चरवाहा बस्ती में रह रहे थे। घटना के बाद से उनसे किसी प्रकार का संपर्क नहीं हो पाया है और खोज अभियान जारी है।
बचाव अभियान और राहत कार्य
नेपाल सेना के 4 हेलीकॉप्टर खोज एवं बचाव कार्यों में लगाए गए हैं। इनकी मदद से अब तक 47 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। इसके अलावा, 341 मेगावाट की बुढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना विकसित करने वाली कंपनी टाइम्स ऊर्जा प्राइवेट लिमिटेड के 12 कर्मचारियों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया है।
प्राधिकरण ने गोरखा, धादिंग, तनाहुन, चितवन, नवलपरासी पूर्व और नवलपरासी पश्चिम जिलों के 221 आपातकालीन कर्मियों को एसएमएस अलर्ट जारी कर तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचने और राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। राहत सामग्री सड़क मार्ग और हेलीकॉप्टरों दोनों के जरिए भेजी जा रही है।
जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान
नेपाल में निजी क्षेत्र की बिजली परियोजनाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ, नेपाल (IPPAN) ने बताया कि बुढ़ी गंडकी नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे स्थित 4 जलविद्युत परियोजनाएं बाढ़ से प्रभावित हुई हैं। इन परियोजनाओं की कुल स्थापित क्षमता 412.09 मेगावाट है। हालांकि, संघ के बयान में परियोजनाओं को हुए नुकसान का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया।
जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य से जुड़े शिविर सहित अन्य बुनियादी ढाँचे को भी क्षति पहुँची है, जो आने वाले दिनों में ऊर्जा उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून के बाद के महीनों में नदियों का जलस्तर पहले से ऊँचा बना हुआ है। खोज अभियान जारी है और लापता लोगों का पता लगाने की कोशिशें तेज हैं। गौरतलब है कि बुढ़ी गंडकी नदी घाटी नेपाल की महत्वाकांक्षी जलविद्युत क्षमता के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, और इस आपदा से परियोजनाओं की समयसीमा प्रभावित होने की आशंका है।