क्या पीएम नेतन्याहू ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के ट्रंप के न्योते को स्वीकार किया?
सारांश
Key Takeaways
- इजरायल के पीएम ने ट्रंप का न्योता स्वीकार किया।
- बोर्ड ऑफ पीस विश्व संघर्षों को सुलझाने का प्रयास है।
- भारत ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
- रूस के राष्ट्रपति को भी न्योता मिला है।
- बोर्ड में शामिल देशों का कार्यकाल तीन साल का होगा।
नई दिल्ली, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पीस प्लान के तहत इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, जिसे इजरायली पीएम ने स्वीकार कर लिया है।
इजरायल के पीएम कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि वे अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप का निमंत्रण स्वीकार करते हैं और बोर्ड ऑफ पीस के सदस्य बनेंगे, जिसमें विभिन्न देशों के नेता सम्मिलित होंगे।"
यह बोर्ड वैश्विक संघर्षों को हल करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, जिसकी शुरुआत गाजा पट्टी से होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति इसके अध्यक्ष रहेंगे।
हालांकि, राजनयिकों ने चेतावनी दी है कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के कार्यों को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप के निमंत्रण को स्वीकार करने वाले देशों में इजरायल के अलावा अर्जेंटीना, अजरबैजान, बेलारूस, हंगरी, कजाकिस्तान, मोरक्को, यूएई और वियतनाम भी शामिल हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, लेकिन भारत की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारत इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
निमंत्रण सूची में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम भी शामिल है। हाल ही में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रपति पुतिन को इस बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का प्रस्ताव मिला है। कुल 60 देशों को अमेरिका ने इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है।
रूसी समाचार एजेंसी के अनुसार, पेस्कोव ने कहा, "हम राष्ट्रपति पुतिन के इस प्रस्ताव का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं और अमेरिका के साथ सभी मामलों पर स्पष्टता के लिए संपर्क करने की उम्मीद करते हैं।"
बोर्ड में शामिल देशों का कार्यकाल तीन साल तक होगा, और स्थायी सदस्यता प्राप्त करने के लिए लगभग 1 बिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा।
गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के दूसरे चरण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। ट्रंप ने इस चरण में फिलीस्तीनी टेक्नोक्रेटिक एडमिनिस्ट्रेशन का समर्थन किया है और हामास से पूर्ण रूप से हथियार डालने और टनल नेटवर्क समाप्त करने की मांग की है।
पहले चरण में हामास ने सभी जीवित बंधकों को रिहा कर दिया, लेकिन एक बंधक का शव अभी भी हामास ने नहीं लौटाया है। इस कारण इजरायली नागरिक मांग कर रहे हैं कि जब तक हामास अंतिम शव नहीं लौटाता, तब तक दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू न हो।