न्यूजीलैंड PM क्रिस्टोफर लक्सन ने जीता विश्वास मत, 7 नवंबर चुनाव तक नेशनल पार्टी की कमान बरकरार
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 12 अगस्त 2026 को वेलिंगटन में घंटों चली कॉकस बैठक के बाद विश्वास मत जीत लिया और सत्तारूढ़ नेशनल पार्टी के नेता पद पर अपनी पकड़ बनाए रखी। संसद में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लक्सन ने कहा कि उन्हें पार्टी सांसदों का 'पूरा समर्थन' प्राप्त है। यह मतदान 7 नवंबर को होने वाले आम चुनाव से 90 दिन से भी कम समय पहले हुआ है।
विश्वास मत की पृष्ठभूमि
लक्सन ने यह कॉकस बैठक ऐसे समय में बुलाई जब उनके नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर अटकलें तेज़ हो चली थीं। हाल के महीनों में उनके कई निर्णय विवादों में घिरे रहे। इनमें व्यवसायों को 'माता-पिता और बच्चे' की संज्ञा देने वाला बयान, ऑकलैंड यात्रा के लिए सैन्य विमान के उपयोग पर उठे सवाल, और दोबारा सत्ता में आने पर मिश्रित-सदस्य आनुपातिक (MMP) चुनाव प्रणाली पर जनमत संग्रह कराने का प्रस्ताव शामिल थे।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद यह दूसरी बार है जब लक्सन को विश्वास मत का सामना करना पड़ा। इससे पहले अप्रैल में भी इसी तरह का मतदान हो चुका है — जो दर्शाता है कि उनके नेतृत्व पर असंतोष की यह पहली लकीर नहीं है।
चुनावी समीकरण और सर्वेक्षण
7 अगस्त को जारी टैक्सपेयर्स यूनियन-कुरिया सर्वेक्षण के अनुसार, नेशनल पार्टी को 31% मतदाता समर्थन मिला — पिछले सर्वेक्षण की तुलना में 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़त। यह सर्वेक्षण करिया मार्केट रिसर्च ने 1 से 4 अगस्त के बीच 1,000 योग्य एवं संभावित मतदाताओं के बीच किया था। सर्वेक्षण में त्रुटि की अधिकतम सीमा ±3.1 प्रतिशत अंक बताई गई है।
इसी सर्वेक्षण में अनुमान लगाया गया कि नेशनल पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन संसद में मामूली बहुमत बनाए रखने में सफल हो सकता है। वहीं मुख्य विपक्षी दल लेबर पार्टी का समर्थन 3.7 प्रतिशत अंक घटकर 27.8% रह गया।
हालांकि, जुलाई में जारी रेडियो न्यूजीलैंड-रीड रिसर्च सर्वेक्षण में नेशनल पार्टी का समर्थन 28.7% दर्ज किया गया था — जो 2021 में लक्सन के पार्टी नेता बनने के बाद उसका सबसे निचला स्तर था। यह आँकड़ा बताता है कि पार्टी की लोकप्रियता में उतार-चढ़ाव जारी है।
लक्सन का अगला लक्ष्य
विश्वास मत में जीत के बाद लक्सन ने स्पष्ट किया कि नेशनल पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता 7 नवंबर के आम चुनाव में लेबर पार्टी के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को पराजित करना है। पार्टी अब चुनावी अभियान की तैयारियों में जुट जाएगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब न्यूजीलैंड की राजनीति में नेतृत्व स्थिरता एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। लक्सन के विश्वास मत जीतने से पार्टी को एकजुट होकर चुनाव प्रचार में उतरने का मौका मिला है, लेकिन गिरते समर्थन के आँकड़े और भीतरी असंतोष की छाया अभी पूरी तरह नहीं छँटी है। आने वाले हफ्तों में नेशनल पार्टी की नीतिगत घोषणाएँ और चुनावी रणनीति यह तय करेगी कि लक्सन इस बढ़त को वास्तविक जनादेश में बदल पाते हैं या नहीं।