मध्य पूर्व के तनाव के कारण एनआईओएस ने प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्थगित कीं
सारांश
Key Takeaways
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भारतीय शिक्षा बोर्डों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कतर के दोहा में स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, क्षेत्र में चल रहे ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष और खाड़ी देशों की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने मार्च-अप्रैल 2026 में आयोजित होने वाली प्रैक्टिकल परीक्षाओं को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।
एनआईओएस भारत का ओपन स्कूल बोर्ड है, जो भारत सहित कई अन्य देशों में परीक्षा आयोजित करता है।
दोहा के भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा, ''खाड़ी देशों में हो रही क्षेत्रीय स्थिति के चलते नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने यह घोषणा की है कि मार्च-अप्रैल 2026 में प्रस्तावित प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। नई तिथियों की घोषणा एनआईओएस द्वारा उचित समय पर की जाएगी।''
इससे पहले, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने भी मध्य पूर्व के विभिन्न देशों में कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया था।
सीबीएसई का यह निर्णय बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित सभी सीबीएसई स्कूलों पर लागू होगा। इस संबंध में बोर्ड ने रविवार को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया। बोर्ड का कहना है कि क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
बोर्ड ने इन देशों में परीक्षाएं आयोजित करने की संभावनाओं का कई बार आकलन किया, लेकिन स्थानीय विद्यालयों के अनुरोध और प्रशासन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया है। पहले 1 मार्च, 3 मार्च, 5 मार्च, 7 मार्च और 9 मार्च 2026 को भी इसी विषय पर सर्कुलर जारी किए गए थे। पहले कुछ परीक्षाओं को स्थगित किया गया था, लेकिन अब सभी को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
रविवार को सीबीएसई द्वारा लिए गए नवीनतम निर्णय के अनुसार 16 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होने वाली कक्षा 12 की सभी बोर्ड परीक्षाएं इन देशों के विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं।