बलूचिस्तान के तुम्प में पाकिस्तानी ड्रोन हमले में 4 युवकों की मौत, पिकनिक पर गए थे
सारांश
मुख्य बातें
बलूचिस्तान के केच जिले के तुम्प इलाके में स्थित बालिचा क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए ड्रोन हमले में कम से कम चार युवकों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह हमला शुक्रवार दोपहर हुआ, जब बालिचा के छह निवासी पास के पहाड़ों में पिकनिक मनाने गए थे। यह घटना बलूचिस्तान में नागरिक हताहतों को लेकर पहले से जारी विवाद को और गहरा करती है।
हमले का ब्यौरा
द बलूचिस्तान पोस्ट ने पारिवारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि शुक्रवार दोपहर बालिचा के छह युवक पहाड़ों में पिकनिक के लिए निकले थे। उसी दौरान ड्रोन हमला हुआ, जिसमें चार की मौत हो गई और दो घायल हुए। मृतकों की पहचान यासिर, जुबैर, समीर और दीदाग के रूप में हुई है, जिनमें से तीन एक ही परिवार के चचेरे भाई बताए जा रहे हैं।
परस्पर विरोधी दावे
पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि मारे गए चारों व्यक्ति संदिग्ध आतंकवादी थे और उनके पास से हथियार व गोला-बारूद बरामद हुआ है। हालाँकि, मृतकों के परिजनों और स्थानीय निवासियों ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उनका कहना है कि पीड़ित निहत्थे नागरिक थे और महज पहाड़ों पर पिकनिक मनाने निकले थे। परिवारों ने हमले की स्वतंत्र जाँच की माँग की है।
बलूच यकजेहती कमेटी की प्रतिक्रिया
बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने इस हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की। BYC ने कहा, 'कानून, अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी कानून, सशस्त्र संघर्ष के कानूनों या बुनियादी मानवीय शालीनता का कोई भी ढाँचा नहीं है जिसके तहत नागरिक पिकनिक एक वैध सैन्य लक्ष्य बन जाए।'
BYC ने आगे कहा, 'चार युवा। एक हमला। एक सेना जिसने यह बताने की माँग की कि नागरिक कहाँ जा रहे हैं और फिर उस जानकारी को एक किल लिस्ट में बदल दिया। यह युद्ध का कोहरा नहीं है, यह इरादे की स्पष्टता है।' संगठन ने यह भी कहा कि किसी राज्य को नरसंहार घोषित करने की आवश्यकता नहीं है — बस बलूच जीवन को राज्य की दया पर सशर्त बनाना होगा और उस दया को तुम्प, पंजगुर, मस्तुंग जैसे क्षेत्रों में बार-बार रोकना होगा।
अंतरराष्ट्रीय निकायों से अपील
BYC ने संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों और वैश्विक नागरिक समाज से आग्रह किया है कि वे इन हत्याओं की स्वतंत्र जाँच की माँग करें और बलूचिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों पर अपनी चुप्पी तोड़ें। गौरतलब है कि यह बालिचा हमला बलूचिस्तान में पाकिस्तानी बलों द्वारा किए गए ड्रोन व हवाई हमलों की उस श्रृंखला में नवीनतम है, जिसमें कथित तौर पर बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं।
व्यापक पृष्ठभूमि
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और बलूच अलगाववादी समूहों के बीच दशकों से संघर्ष जारी है। मानवाधिकार संगठनों ने बार-बार इस क्षेत्र में नागरिकों पर होने वाले हमलों और जबरन गुमशुदगियों को लेकर चिंता जताई है, लेकिन पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को आमतौर पर नकारती रही है। बालिचा की यह घटना एक बार फिर उस विवाद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले आई है। आने वाले दिनों में स्वतंत्र जाँच की माँग और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पाकिस्तान की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।