मुल्तान में रहमान बाबा एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 6 मौतें और 49 घायल
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुल्तान में 13 अक्टूबर 2026 को तड़के एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जब रहमान बाबा एक्सप्रेस के सभी 14 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई और 49 लोग घायल हो गए। यह हादसा शेर शाह ब्रिज के पास सुबह करीब 5:15 बजे हुआ, जब ट्रेन कराची से पेशावर की ओर जा रही थी।
हादसे का विवरण
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी जब शेर शाह स्टेशन इलाके के पास अचानक झटका लगा। ट्रेन के ड्राइवर ने 'डॉन' अखबार को बताया, "सिग्नल क्लियर था, और जब मैं शेर शाह स्टेशन इलाके से गुजर रहा था, तो मुझे अचानक एक झटका महसूस हुआ। ब्रेक लगाए और ट्रेन को रोकने में कामयाब रहा। फिर जब मैं इंजन से बाहर निकला और पीछे मुड़कर देखा, तो पाया कि यात्री कोच पटरी से उतर गए थे और पटरी से दूर पड़े थे। यह खौफनाक था।"
सभी घायलों को उपचार के लिए मुल्तान के निश्तर अस्पताल में भर्ती कराया गया। 'रेस्क्यू 1122' के अधिकारी मुहम्मद अरशद ने बताया कि बचाव अभियान दुर्घटना स्थल पर जारी है।
पाकिस्तान रेलवे की लापरवाही का इतिहास
यह हादसा पाकिस्तानी रेलवे (PR) की बदहाली की लंबी कड़ी में एक और कड़वी कड़ी है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में ट्रेन पटरी से उतरने की घटनाएँ लगातार बढ़ी हैं। 1 अक्टूबर को शालीमार एक्सप्रेस और पाकिस्तान एक्सप्रेस दोनों पटरी से उतरने के बावजूद बड़े हादसे से बाल बाल बची थीं, और उसी दिन गुज्जर खान के पास जाफर एक्सप्रेस के साथ भी एक छोटा हादसा दर्ज हुआ था।
उस समय पाकिस्तान रेलवे के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हफीजुल्ला ने स्वीकार किया था कि ये हादसे पिछले पाँच वर्षों में उचित रखरखाव न होने के कारण हो रहे हैं।
पिछले महीनों की प्रमुख रेल दुर्घटनाएँ
अगस्त में यूसुफवाला कोयला ट्रेन फिरोजा रेलवे स्टेशन (खानपुर और लियाकतपुर के बीच) के पास रेत के ढेर से टकराकर पटरी से उतर गई थी। उसी दिन मेन लाइन 1 (लाहौर रावलपिंडी ट्रैक) पर झेलम जिले के काला गुजरान के पास रावल एक्सप्रेस भी पटरी से उतर गई, जिससे रेल सेवाएँ बाधित हुईं।
4 अगस्त को हजारा एक्सप्रेस कथित तौर पर रेत के ढेर से टकराई, जिससे रोलिंग स्टॉक और बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा। 28 जुलाई को लाहौर जाने वाली एक ट्रेन भी पटरी से उतरी और उसी दिन मुजफ्फरगढ़ के पास एक एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन खराब हुआ। 5 जुलाई को शालीमार एक्सप्रेस खानेवाल के पास पटरी से उतरी, 20 जुलाई को लाहौर में बुल्ले शाह पैसेंजर ट्रेन का एक कोच पटरी से उतरा, और 22 जुलाई को कराची कैंट रेलवे स्टेशन के पास हजारा एक्सप्रेस के चार कोच पटरी से उतर गए।
बचाव अभियान की स्थिति
दुर्घटना स्थल पर रेस्क्यू 1122 के दल तैनात हैं और बचाव कार्य जारी है। घायलों की संख्या में बदलाव की आशंका है क्योंकि मलबे से अभी भी लोगों को निकाला जा रहा था। निश्तर अस्पताल के डॉक्टरों ने आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों को तैनात किया।
क्या होगा आगे
पाकिस्तान रेलवे अधिकारियों से हादसे की जाँच की उम्मीद है, हालाँकि ऐसे पिछले हादसों में जाँच के नतीजे शायद ही सार्वजनिक होते हैं। आलोचकों का कहना है कि जब तक बुनियादी ढाँचे के रखरखाव में निवेश नहीं बढ़ता, ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।