बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक पर 'फिदायीन' हमला: क्वेटा के पास ट्रेन निशाने पर, कई हताहत
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में 24 मई 2026 को सुबह करीब 8 बजे एक भीषण विस्फोट ने क्वेटा के चमन फाटक के निकट रेलवे ट्रैक को दहला दिया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह शटल ट्रेन क्वेटा कैंट से रेलवे स्टेशन की ओर जा रही थी, जब उसे निशाना बनाया गया। विस्फोट में कई लोगों के हताहत होने की खबर है।
हमले का ब्यौरा
पाकिस्तानी समाचार संस्थान डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें इंजन भी शामिल है, जबकि दो डिब्बे पूरी तरह पलट गए। सुरक्षा बलों ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर बचाव अभियान शुरू किया। पाकिस्तान रेलवे ने पुष्टि की कि राहत कार्यों के लिए रेस्क्यू ट्रक और एक राहत ट्रेन घटनास्थल पर रवाना की गई।
बीएलए ने ली जिम्मेदारी
धमाके के तुरंत बाद प्रतिबंधित संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि यह उसकी आत्मघाती इकाई मजीद ब्रिगेड द्वारा अंजाम दिया गया 'फिदायीन' हमला था। BLA के बयान के अनुसार, हमले का निशाना क्वेटा कैंट से सैन्यकर्मियों को ले जा रही ट्रेन थी।
BLA ने अपने बयान में कहा, "बलोच लिबरेशन आर्मी की फिदायीन इकाई मजीद ब्रिगेड ने क्वेटा कैंट से सैन्य कर्मियों को ले जा रही ट्रेन को एक अत्यंत संगठित फिदायीन हमले में निशाना बनाया। बलोच लिबरेशन आर्मी इस ऑपरेशन की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करती है।" संगठन ने यह भी कहा कि हमले में हुए भौतिक और मानवीय नुकसान का विस्तृत विवरण जल्द जारी किया जाएगा। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और स्थानीय मीडिया ने इसे आत्मघाती हमला बताने से अभी तक परहेज किया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'कायरतापूर्ण आतंकवादी कार्रवाई' करार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएँ आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के संकल्प को कमज़ोर नहीं कर सकतीं। अब्बासी ने हमले का ठीकरा पड़ोसी देश पर डाला, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घटना की तुरंत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि पाकिस्तान रेलवे की परिचालन गतिविधियाँ बिना रुकावट जारी रहेंगी।
गृह मंत्री के प्रवक्ता बाबर यूसुफजई ने बताया कि विस्फोट के बाद शहर में सभी संबंधित संस्थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे घटनास्थल के पास एकत्र न हों, ताकि आपातकालीन दल बिना बाधा काम कर सकें।
यातायात पर असर
एहतियात के तौर पर पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस को क्वेटा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक की मरम्मत और सुरक्षा जाँच पूरी होने तक यह रोक बनी रह सकती है।
पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब बलूचिस्तान में BLA और अन्य सशस्त्र समूहों की ओर से सुरक्षा बलों और बुनियादी ढाँचे पर हमलों की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि मजीद ब्रिगेड पहले भी कई आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ले चुकी है। पाकिस्तान के इस सबसे बड़े प्रांत में दशकों से चले आ रहे अलगाववादी आंदोलन और राज्य के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा।