सऊदी अरब को पाकिस्तान ने भेजे फाइटर जेट, रक्षा समझौते का अहम हिस्सा
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तान ने सऊदी अरब को फाइटर जेट्स भेजे हैं।
- यह तैनाती दोनों देशों के बीच के रक्षा समझौते का हिस्सा है।
- इससे सैन्य समन्वय में वृद्धि होगी।
- सऊदी अरब ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है।
- क्षेत्रीय सुरक्षा को स्थिरता प्रदान करने का प्रयास।
रियाद, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान ने सऊदी अरब में एक रक्षा समझौते के अंतर्गत फाइटर जेट और सहायक विमान भेजे हैं। सऊदी अरब का रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान से आए फाइटर जेट्स किंग अब्दुलअजीज एयर बेस (पूर्वी सेक्टर) पर पहुँच चुके हैं। यह तैनाती दोनों देशों के बीच के संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते के अंतर्गत की गई है।
मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तानी दल में पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू और सहायक विमान शामिल हैं। इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य समन्वय को मजबूत करना और उनकी ऑपरेशनल तैयारी के स्तर को बढ़ाना है।
एक आधिकारिक बयान में यह कहा गया है कि यह कदम क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता को समर्थन देने के लिए उठाया गया है।
यह तैनाती पिछले कुछ हफ्तों में बिगड़े पश्चिम एशिया के हालात के बाद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सीजफायर से पहले खाड़ी देश पर ड्रोन हमले भी किए गए थे, जिसमें आवश्यक ऊर्जा ढांचे पर हमले हुए और एक सऊदी नागरिक की भी मौत हो गई थी।
रियाद और इस्लामाबाद ने सितंबर 2025 में एक पारस्परिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें दोनों पक्षों ने यह वादा किया कि वे किसी भी देश के खिलाफ किसी भी हमले को एक समान मानेंगे। इससे दशकों पुरानी सुरक्षा साझेदारी में काफी गहराई आई है।
सऊदी अरब के वित्तमंत्री मोहम्मद अल-जदान शुक्रवार को पाकिस्तान में थे। मीडिया सूत्रों के अनुसार, आर्थिक रूप से संकटग्रस्त पाकिस्तान को सहायता पहुँचाने के लिए यह दौरा महत्वपूर्ण रहा।
2018 में, रियाद ने पाकिस्तान के लिए 6 बिलियन डॉलर के सपोर्ट पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें सेंट्रल बैंक में 3 बिलियन डॉलर का डिपॉजिट और डिफर्ड पेमेंट पर 3 बिलियन डॉलर की तेल सप्लाई शामिल थी।