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तोरखम में पाकिस्तानी सेना का हमला: आगजनी से व्यवसाय को हुआ भारी नुकसान

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तोरखम में पाकिस्तानी सेना का हमला: आगजनी से व्यवसाय को हुआ भारी नुकसान

सारांश

अफगानिस्तान के तोरखम में पाकिस्तानी सेना के हमले ने एक व्यावसायिक बाजार को जलाकर राख कर दिया। इस घटना से आर्थिक नुकसान के आंकड़े 300 मिलियन डॉलर तक पहुँच गए हैं। स्थानीय लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

मुख्य बातें

पाकिस्तानी सेना का हमला अफगानिस्तान में सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है।
आग लगने से 150 से अधिक दुकानें जल गईं।
स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
तोरखम बॉर्डर व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है।
तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच झड़पें जारी हैं।

काबुल, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तानी सेना के एक बड़े हमले के परिणामस्वरूप, अफगानिस्तान के तोरखम क्षेत्र में स्थित एक व्यावसायिक बाजार में आग लग गई, जिससे व्यापार और संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है, जैसा कि स्थानीय मीडिया ने रविवार को अधिकारियों के हवाले से बताया।

खामा प्रेस ने बख्तावर न्यूज एजेंसी के माध्यम से बताया कि तोरखम के मेयर मावलवी अब्दुल्ला मुस्तफा ने कहा कि रविवार सुबह लगभग 4 बजे (स्थानीय समय अनुसार) शहर की दिशा में कई गोले दागे गए, जो एक बाजार में जाकर गिरे।

इससे आग लग गई और यह तेजी से कई दुकानों में फैल गई, जिसके कारण फायरफाइटर्स और स्थानीय लोगों को मिलकर आग पर काबू पाने के लिए प्रयास करना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए चार फायर ट्रक, म्युनिसिपल वॉटर टैंकर और स्थानीय निवासियों को लगाया गया था।

मार्केट कॉम्प्लेक्स के मालिक के अनुसार, आग में 150 से अधिक दुकानें जल गईं, जिससे अफगानिस्तान को लगभग 300 मिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।

तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग दोनों देशों के बीच सामान और लोगों की आवाजाही में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ती झड़पें और लोगों के मारे जाने के दावों से दोनों देशों के रिश्ते deteriorate हो रहे हैं। खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने रिहायशी इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

उन्होंने चेतावनी दी है कि बॉर्डर पार से निरंतर हो रही हिंसा से पहले से ही बॉर्डर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को खतरा हो सकता है।

इससे पहले शुक्रवार को, अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि तालिबान सेनाओं ने डूरंड लाइन बॉर्डर पर हुई झड़पों के दौरान 30 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया।

तालिबान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारजमी ने कहा कि यह लड़ाई अफगानिस्तान के कंधार प्रांत के शोराबक जिले में हुई, जहां तालिबान के लड़ाकों ने एक पाकिस्तानी मिलिट्री चौकी पर कब्जा कर लिया।

उन्होंने कहा कि झड़पों के दौरान तालिबान सेनाओं ने चौकी पर कब्जा करने के बाद विस्फोटकों से चौकी को तबाह कर दिया। ख्वारजमी ने दावा किया कि इस लड़ाई में 30 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें से 20 चौकी को मजबूत करने के लिए तैनात थे।

तालिबान लड़ाकों ने पक्तिया के दंड पाटन इलाके में पांच पाकिस्तानी मिलिट्री चौकियों पर कब्जा कर लिया और टॉप सर ख्वूच करम तथा अंजेरकी सर चौकियों में घुस गए।

यह वर्तमान दुश्मनी का दौर तब शुरू हुआ जब तालिबान की अगुआई वाली अफगान सेना ने 27 फरवरी को पाकिस्तानी मिलिट्री ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई 21 फरवरी को अफगान क्षेत्र में आतंकवादियों को निशाना बनाने के पाकिस्तान के एक्शन के बाद हुई।

अफगानिस्तान के हमलों के बाद, पाकिस्तान ने कई बॉर्डर सेक्टरों में अफगान सेना की 'बिना उकसावे वाली फायरिंग' के जवाब में 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' (सही गुस्सा) शुरू किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थानीय व्यापारियों और निवासियों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाती है। स्थानीय अधिकारियों को अब आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति न हो।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तोरखम में आग कैसे लगी?
पाकिस्तानी सेना के हमले के दौरान दागे गए गोले के कारण तोरखम के एक व्यावसायिक बाजार में आग लगी।
इस घटना से कितना आर्थिक नुकसान हुआ?
इस आगजनी से अफगानिस्तान को लगभग 300 मिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
तोरखम बॉर्डर का महत्व क्या है?
तोरखम बॉर्डर क्रॉसिंग दोनों देशों के बीच सामान और लोगों की आवाजाही का एक प्रमुख मार्ग है।
स्थानीय लोग सुरक्षा के लिए क्या मांग कर रहे हैं?
स्थानीय लोग रिहायशी इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच क्या हुआ?
तालिबान ने डूरंड लाइन पर झड़पों के दौरान 30 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा किया है।
राष्ट्र प्रेस
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