क्या पीएम मोदी को आगे बढ़ते रहना चाहिए और भारत के सर्वोत्तम हित में सेवा जारी रखनी चाहिए? मिलबेन की टिप्पणी
सारांश
Key Takeaways
- भारत के साथ अनावश्यक तनाव से बचना चाहिए।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
- वैश्विक भू-राजनीति में बदलाव की संभावना है।
- डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
- भारत के सर्वोत्तम हित में काम करना आवश्यक है।
वाशिंगटन, ६ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी गायिका और भारत की दीवानी मैरी मिलबेन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाल की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत जैसे मित्र देश के साथ अनावश्यक तनाव से बचना चाहिए। इसी क्रम में, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए और भारत के सर्वोत्तम हित में सेवा जारी रखनी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मैरी मिलबेन ने लिखा, "मैं जानती हूं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करते हैं, लेकिन यह दुःख की बात है कि उन्हें भारत के प्रति अपने दृष्टिकोण के बारे में गलत जानकारी दी जा रही है। मैं इस विषय पर राष्ट्रपति के लिए प्रार्थना कर रही हूं।"
भारत में विपक्ष की प्रतिक्रियाओं पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ट्रंप की हर टिप्पणी या धमकी का जवाब देने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें केवल भारतीय नागरिकों को खुश करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वे दीर्घकालिक कूटनीति के महत्व को समझते हैं।
उन्होंने कहा, "पीएम मोदी को सीनेटर लिंडसे ग्राहम जैसे व्यक्तियों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। वे अमेरिका में कई लोगों के लिए अप्रासंगिक हैं।"
मैरी ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति शी और अनेक वैश्विक नेताओं को पता है कि नवंबर के मध्यावधि चुनावों तक केवल १० महीने बचे हैं। यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण प्राप्त कर लेते हैं, तो वैश्विक भू-राजनीति में नई वार्ता की शुरुआत होगी।"
उन्होंने आशा व्यक्त की कि डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस मध्यावधि चुनाव में जीत पर ध्यान केंद्रित करेंगे और भारत जैसे मित्र देशों के साथ अनावश्यक तनाव से बचेंगे।
मैरी ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आप आगे बढ़ते रहें। आप भारत के सर्वोत्तम हित में कार्य करते रहें। यही कारण है कि आपको इस कार्य के लिए चुना गया था।"
ज्ञात हो कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में फिर से टैरिफ की धमकी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि वाशिंगटन की नाराजगी के चलते भारत ने रूस से तेल खरीद में कमी की है। ट्रंप के बयान के बाद भारतीय कांग्रेस के कई नेताओं ने सरकार पर प्रश्न उठाए हैं।