क्वेटा में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या
सारांश
Key Takeaways
- क्वेटा में एक वरिष्ठ सीटीडी अधिकारी की हत्या।
- पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
- सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले बढ़ रहे हैं।
- फरवरी में सुरक्षा बलों की मौत में वृद्धि हुई है।
- आत्मघाती हमलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
क्वेटा, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। स्थानीय समाचार माध्यमों के अनुसार, यह घटना किल्ली इस्माइल क्षेत्र में हुई।
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि इंस्पेक्टर मेथा खान हाल ही में सीटीडी में शामिल हुए थे। उन्हें रविवार को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। उस समय वे किल्ली इस्माइल क्षेत्र से गुजर रहे थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने सीटीडी अधिकारी पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
अधिकारी ने आगे बताया कि घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने क्षेत्र को घेर लिया और हमलावरों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
यह पहली बार नहीं है जब सेना या पुलिस से जुड़े कर्मियों और अधिकारियों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। 4 मार्च को स्थानीय मीडिया ने सूचना दी थी कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बाजौर जिले के वारा मामोंड तहसील में अज्ञात हमलावरों के स्नाइपर हमले में एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई), दौलत खान की मौत हो गई थी।
इससे पहले, 26 फरवरी को, बाजौर में खार तहसील के नवा कलाय इलाके में अबाबील पुलिस पेट्रोल पर अज्ञात लोगों के हमले में चार पुलिसकर्मी मारे गए थे और दो घायल हुए थे। 14 फरवरी को वारा मामोंड पुलिस स्टेशन पर अज्ञात हथियारबंद लोगों द्वारा फायरिंग के दौरान एडिशनल स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) गुल मनो दीन की भी हत्या हो गई।
इस बीच, इस्लामाबाद के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट से पता चलता है कि फरवरी में सेना या पुलिस महकमे से जुड़े कर्मियों की मौत में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान आत्मघाती हमलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) की एक रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में 470 लोग मारे गए, जबकि 333 घायल हुए। मरने वालों में 96 आम नागरिक, 80 सुरक्षा बलों के जवान और 294 मिलिटेंट शामिल हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में 259 आम लोग, 50 सुरक्षा बलों के जवान और 24 मिलिटेंट हैं।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि जनवरी की तुलना में सुरक्षा बलों में 74 प्रतिशत, आम नागरिकों में 32 प्रतिशत और मिलिटेंट्स की मौत में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
फरवरी में खैबर पख्तूनख्वा में 53 सुरक्षा बलों के जवान और छह आम नागरिक मारे गए, जबकि 35 सुरक्षा बलों के जवान और 48 आम नागरिक घायल हुए। खैबर पख्तूनख्वा में तीन आत्मघाती बम विस्फोट की घटनाएं हुईं, जिसमें 14 सुरक्षा बलों के जवानों सहित 17 लोगों की जान चली गई और 20 लोग घायल हुए।
इस्लामाबाद में एक आत्मघाती बम विस्फोट में 34 लोग मारे गए और 165 अन्य घायल हुए। इसके अलावा, डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब प्रांत के भक्कर जिले में एक आत्मघाती बम विस्फोट में दो पुलिसकर्मी मारे गए और चार अन्य घायल हुए। इस साल जनवरी और फरवरी में रिपोर्ट किए गए आठ आत्मघाती हमले 2025 के कुल का लगभग आधा हैं, जब ऐसी 17 घटनाएं रिपोर्ट की गई थीं।