ऋषि सुनक की पीयूष गोयल से मुलाकात, भारत-ब्रिटेन व्यापार, निवेश और AI साझेदारी पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की, जिसमें भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, नवाचार और प्रौद्योगिकी साझेदारी पर विस्तृत बातचीत हुई। यह मुलाकात उस दिन हुई जब सुनक पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के इतर मिल चुके थे।
मुलाकात में क्या हुई बातचीत
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'अपने दोस्त और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से मिलकर बहुत खुशी हुई। ग्रोथ को बढ़ाने के लिए भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर बहुत अच्छी बातचीत हुई।' गोयल के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप पर चर्चा हुई।
सुनक ने PM मोदी की तारीफ में क्या कहा
ऋषि सुनक ने एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित किया — 'प्रधानमंत्री नरेंद्र, आज नई दिल्ली में आपसे मिलकर अच्छा लगा। सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई। यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।' सुनक ने यह भी कहा कि जब वे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे, तब मोदी के साथ काम करना सुखद रहा और उनकी 'प्रतिबद्धता, कार्यशैली और ऊर्जा' सभी के लिए एक उदाहरण है।
AI और प्रौद्योगिकी सहयोग पर जोर
सुनक ने अपनी पोस्ट में यह भी रेखांकित किया कि व्यापार, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत-ब्रिटेन के बीच बढ़ता सहयोग 'एक ऐसी दुनिया में महत्वपूर्ण है, जहाँ अनिश्चितताएँ बढ़ रही हैं।' उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंध और प्रगाढ़ होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत लंबे समय से जारी है।
PM मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनक की एक्स पोस्ट का जवाब देते हुए लिखा, 'आज ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा।' यह सार्वजनिक आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों की निरंतरता को दर्शाता है।
भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए संदर्भ
गौरतलब है कि सुनक के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत-ब्रिटेन के बीच FTA वार्ता को नई गति मिली थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। आलोचकों का कहना है कि उच्च-स्तरीय मुलाकातें तब तक रणनीतिक वजन नहीं रखतीं जब तक एक बाध्यकारी व्यापार ढाँचा सामने न आए। ऐसे में सुनक की यह दिल्ली यात्रा — जो अब वे एक सांसद के रूप में कर रहे हैं — द्विपक्षीय संबंधों को अनौपचारिक रूप से आगे बढ़ाने की एक कोशिश के रूप में देखी जा रही है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच FTA और टेक सहयोग की दिशा यह तय करेगी कि ये बातचीत किस हद तक नतीजों में तब्दील होती है।