क्या ईरान में बढ़ती महंगाई के खिलाफ जेन-जी का गुस्सा फूटा?
सारांश
Key Takeaways
- ईरान में जेन-जी का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला है।
- बढ़ती महंगाई के कारण पिछले पांच दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
- इस विरोध प्रदर्शन में कम से कम छह लोगों की जान गई है।
- ईरान में महंगाई की दर 42.2 फीसदी तक पहुँच गई है।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल के बाद अब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ जेन-जी का गुस्सा सड़कों पर उभरकर सामने आ रहा है। बढ़ती महंगाई को लेकर पिछले पांच दिनों से जारी जेन-जी के विरोध प्रदर्शन ने हिंसक मोड़ ले लिया है, जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए।
ईरान की सेमी-ऑफिशियल फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, गुरुवार को तेहरान से लगभग 300 किलोमीटर (185 मील) दक्षिण-पश्चिम में लोरेस्टन प्रांत के अजना शहर में हुए प्रदर्शनों में कम से कम तीन लोग मारे गए और 17 अन्य घायल हुए।
इस दौरान लोगों ने 'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारे लगाए। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सड़क पर आगजनी का दृश्य देखा गया। वहीं, गोलियों की आवाज भी सुनाई दी। प्रदर्शनकारी “बेशर्म! बेशर्म!” चिल्लाते हुए नजर आए।
इससे पहले, फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि तेहरान से लगभग 470 किलोमीटर दक्षिण में चहारमहल और बख्तियारी प्रांत में लॉर्डेगन शहर में विरोध के दौरान दो लोग मारे गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। जेन-जी के प्रदर्शनकारियों ने गवर्नर ऑफिस, मस्जिद, मार्टर्स फाउंडेशन, टाउन हॉल और बैंक की बिल्डिंगों पर पत्थर फेंके, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के करीब 21 राज्यों में यह हिंसक विरोध फैल चुका है। इसे 2022 के बाद ईरान में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है। इस विरोध का मुख्य कारण आर्थिक संकट है। करेंसी की वैल्यू लगातार गिर रही है और लोगों के पास रोजगार नहीं है, जिससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
ईरान में धार्मिक मुद्दों पर कई बार प्रदर्शन होते रहे हैं, लेकिन इस बार विरोध प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर के खिलाफ आर्थिक मुद्दों को लेकर हो रहा है। वर्तमान में, ईरान में महंगाई की दर 42.2 फीसदी हो गई है, खासकर खाद्य पदार्थों की कीमतों में 72 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
बुधवार को देशभर में स्कूल, विश्वविद्यालय और सार्वजनिक संस्थान बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने अशांति को नियंत्रण में लाने के लिए बैंक हॉलिडे घोषित किया था।