क्या 2026 में सुप्रीम कोर्ट में तलाक-ए-हसन और एसआईआर जैसे मामलों पर सुनवाई होगी?

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क्या 2026 में सुप्रीम कोर्ट में तलाक-ए-हसन और एसआईआर जैसे मामलों पर सुनवाई होगी?

सारांश

2026 में सुप्रीम कोर्ट में कई अहम मामलों की सुनवाई होने वाली है। कोर्ट के फैसले का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जिसमें समाज और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। जानें कौन से मुद्दे हैं महत्वपूर्ण और क्या हो सकते हैं संभावित निर्णय।

Key Takeaways

  • दिल्ली प्रदूषण पर नियमित सुनवाई होगी।
  • एसिड अटैक के अपराधियों पर कठोर शर्तें लागू हो सकती हैं।
  • तलाक-ए-हसन प्रथा पर गंभीर चर्चा होगी।
  • एसआईआर मामले में चुनावी प्रक्रिया की वैधता पर बहस होगी।
  • उन्नाव रेप केस में जमानत पर सुनवाई होगी।

नई दिल्ली, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2026 में सुप्रीम कोर्ट में कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर सुनवाई होने जा रही है, जिनकी प्रतीक्षा सभी कर रहे हैं। ये मामले समाज, पर्यावरण और सामान्य नागरिकों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।

दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण हो या एसिड अटैक जैसे जघन्य अपराध, चुनावी प्रक्रिया की वैधता से संबंधित एसआईआर मामला हो या तलाक-ए-हसन जैसी सामाजिक प्रथा, इन मुद्दों पर इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

कुल मिलाकर, 2026 में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष कई ऐसे मामले हैं, जिनके निर्णय न केवल न्यायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दृष्टि से भी अत्यधिक मायने रखते हैं।

दिल्ली प्रदूषण पर सुनवाई: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की गंभीर स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है। सरकारी उपायों और प्रतिबंधों के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है। इस पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब वह इस मामले में हर महीने सुनवाई करेगा ताकि हालात की समीक्षा की जा सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें। वर्ष 2026 में दिल्ली प्रदूषण से संबंधित मामले में नियमित और निरंतर सुनवाई प्रस्तावित है।

एसआईआर मामला: कई राज्यों में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से जुड़े निर्णय की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत ने तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में एसआईआर के खिलाफ दाखिल याचिकाओं की सुनवाई के लिए तारीखें तय की हैं। इस मामले में विस्तृत बहस और सुनवाई होने की संभावना है, जिससे चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर निर्णय आ सकता है।

एसिड अटैक मामला: एसिड अटैक जैसे अमानवीय अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त बना हुआ है। 11 दिसंबर को हुई पिछली सुनवाई में अदालत ने कहा था कि एसिड अटैक में शामिल व्यक्ति समाज, नागरिकों और कानून के शासन के लिए गंभीर खतरा हैं। कोर्ट ने संकेत दिए थे कि ऐसे अपराधियों पर कठोर शर्तें लागू की जानी चाहिए। इस मामले में 2026 में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आगे बढ़ेगी।

तलाक-ए-हसन: यह प्रथा है जिसमें एक मुस्लिम पुरुष तीन महीनों तक हर महीने एक बार 'तलाक' कहकर विवाह समाप्त कर सकता है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रथा पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा था कि एक सभ्य समाज में ऐसी व्यवस्था कैसे स्वीकार्य हो सकती है। इस मुद्दे पर भी शीर्ष अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई होने वाली है।

उन्नाव रेप केस: इस मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ कानूनी लड़ाई अभी जारी है। सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें 23 दिसंबर को सेंगर को जमानत दी गई थी। इसके बाद सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सेंगर की जमानत पर रोक लगा दी है। 2026 में इस मामले में भी शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि 2026 में सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई न केवल न्यायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दृष्टि से भी। यह सुनवाई हमारे समाज की समस्याओं को उजागर करने का एक अवसर है, और हम सभी को इस पर ध्यान देना चाहिए।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

सुप्रीम कोर्ट में किन मामलों पर सुनवाई होगी?
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली प्रदूषण, एसिड अटैक, एसआईआर और तलाक-ए-हसन जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों पर सुनवाई होगी।
दिल्ली प्रदूषण पर कोर्ट क्या कदम उठाएगा?
सुप्रीम कोर्ट ने हर महीने इस मामले की सुनवाई करने का फैसला किया है ताकि हालात की समीक्षा की जा सके।
तलाक-ए-हसन क्या है?
तलाक-ए-हसन एक मुस्लिम प्रथा है जिसमें पुरुष तीन महीनों के भीतर एक बार तलाक कहकर विवाह समाप्त कर सकता है।
उन्नाव रेप केस में क्या चल रहा है?
उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होगी।
एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट क्या निर्णय ले सकता है?
एसआईआर मामले में अदालत चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े सवालों पर निर्णय ले सकती है।
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