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क्या ट्रंप ने भारत-अमेरिकी संबंधों को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है?

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क्या ट्रंप ने भारत-अमेरिकी संबंधों को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है?

सारांश

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हित प्रभावित हो रहे हैं।

मुख्य बातें

भारत और अमेरिका के संबंधों में कमी आई है।
ट्रंप प्रशासन की नीतियों का प्रभाव।
भविष्य में संभावित साझेदारियों के अवसर।

वाशिंगटन, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के संबंधों को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उनके अनुसार, दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच संबंधों में आई यह कमजोरी दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंचा रही है।

सुहास सुब्रमण्यम ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका-भारत संबंधों को पूरी तरह से खराब कर दिया है। यह एक ऐसा प्रशासन था, जिसमें अपने पहले कार्यकाल में राष्ट्रपति ट्रंप ने वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी के साथ संबंधों को मजबूत किया था।"

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में रिश्तों में आई गिरावट की वजह व्यक्तिगत और नीतिगत मतभेद हैं। सुब्रमण्यम के मुताबिक, अब प्रधानमंत्री मोदी को लेकर व्यक्तिगत कारणों के चलते ट्रंप उन मजबूत आर्थिक संबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो कई वर्षों से बने हुए थे। इसका असर दोनों देशों पर पड़ रहा है।

सांसद ने चेतावनी दी, "हमारे और भारत के बीच संबंधों को खत्म करने या नुकसान पहुंचाने का कोई मतलब नहीं है। अगर अमेरिका के पास भारत के साथ संबंधों को मजबूत करके एक बड़ा अवसर है, तो हम वास्तव में अपनी आर्थिक शक्ति और आर्थिक प्रभाव को मजबूत कर सकते हैं। जब हम देखते हैं कि चीन के साथ क्या हो रहा है, तो भारत कई मायनों में हमारे लिए एक स्वाभाविक सहयोगी है। भारत दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक है।"

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र और तकनीकी क्षेत्र में साझेदारी और बढ़ाई जा सकती है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव को उन्होंने एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने विनिर्माण और औद्योगिक सहयोग का हवाला देते हुए कहा, "अगर कंपनियां चीन से निवेश निकालना चाहती हैं, तो भारत उस प्रयास में एक स्वाभाविक भागीदार है।"

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क (टैरिफ) इस संभावनाओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके मुताबिक, टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन की बयानबाजी ने भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को कमजोर किया है। उन्होंने कहा, "दोनों तरफ ऐसे कई लोग हैं जो आपसी मजबूत संबंधों के पक्ष में हैं। लेकिन जब आप मौजूदा ट्रंप प्रशासन के एक्शन देखते हैं, तो यह बहुत-बहुत मुश्किल हो जाता है।"

उन्होंने अमेरिका की विदेश नीति को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ट्रंप प्रशासन ने युद्ध खत्म करने और आर्थिक रिश्ते मजबूत करने के जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हुए। उल्टा हालात और खराब हो गए।

उनके अनुसार, टैरिफ और सहयोगी देशों से रिश्तों में आई दरार के कारण अमेरिका पर भरोसा कम हुआ है। कई देश अब अमेरिका पर पहले जैसा भरोसा नहीं कर रहे हैं। आगे की राह पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बीते एक साल में खराब हुए रिश्तों को सुधारने की जरूरत है, जिनमें भारत के साथ संबंध भी शामिल हैं।

हाल ही में पास हुए नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (एनडीएए) के अनुसार, पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, तकनीक और लोगों के आपसी संपर्क लगातार बढ़े हैं। इसमें व्यापार, रक्षा खरीद और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग शामिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में भारत-अमेरिका साझेदारी की अहम भूमिका है। ऐसे में दोनों देशों के रिश्तों में लंबे समय तक आई कमजोरी को लेकर अमेरिकी कांग्रेस की चिंता को बेहद गंभीर माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि अमेरिका-भारत संबंधों की मजबूती न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है। सुहास सुब्रमण्यम का यह बयान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को कैसे प्रभावित किया?
ट्रंप प्रशासन की नीतियों और व्यक्तिगत मतभेदों के कारण दोनों देशों के रिश्तों में गिरावट आई है।
भारत और अमेरिका के बीच क्या साझेदारियां हो सकती हैं?
दोनों देशों के बीच रक्षा, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ाने की कई संभावनाएं हैं।
टैरिफ का असर क्या है?
ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ ने भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों को कमजोर किया है।
राष्ट्र प्रेस
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