नेपाल में आरएसपी की महिला उम्मीदवारों ने चुनाव में किया अद्भुत प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- आरएसपी की महिला उम्मीदवारों ने 16 में से 13 सीटों पर विजय प्राप्त की।
- महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व तेजी से बढ़ रहा है।
- मतदाता अब महिला नेतृत्व के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपना रहे हैं।
- महिला उम्मीदवारों की सफलता नए राजनीतिक बदलाव का संकेत है।
- आरएसपी का यह प्रदर्शन अन्य राजनीतिक दलों के लिए एक उदाहरण है।
काठमांडू, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हाल के संसदीय चुनावों में, राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (आरएसपी) ने केवल राजनीतिक सफलता नहीं पाई, बल्कि महिला प्रतिनिधित्व के क्षेत्र में भी एक अद्वितीय मिसाल पेश की है। पार्टी की 16 महिला उम्मीदवारों में से 13 ने विजय प्राप्त की, जो नेपाल की चुनावी राजनीति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राजनीतिक दलों पर अक्सर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि वे महिलाओं को उन सीटों पर चुनाव लड़ाते हैं जहाँ जीत की संभावना कम होती है, लेकिन आरएसपी के परिणामों ने इस सोच को चुनौती दी है।
द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' चुनाव में पार्टी की महिला उम्मीदवारों को व्यापक जनसमर्थन मिला, और अधिकांश विजेताओं ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से हराया। यह संकेत करता है कि मतदाता अब महिला नेतृत्व के प्रति अधिक सकारात्मक दृष्टिकोण अपना रहे हैं।
हालांकि, पार्टी को तीन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। बिनीता कठायत जुमला में आरएसपी के ज्ञानेंद्र शाही से हार गईं। सुनसारी-1 में सरीन तमांग को श्रम संस्कृति पार्टी के हरका राज राय ने हराया, जबकि ताशी ल्हांजोम हुमला में चौथे स्थान पर रहीं।
पार्टी की प्रमुख जीतों में रंजू दर्शना की जीत शामिल है, जिन्होंने काठमांडू-1 से 15,455 वोट हासिल कर नेपाली कांग्रेस के प्रबल थापा छेत्री को बड़े अंतर से हराया। इसी तरह, ललितपुर-3 से तोसिमा कार्की ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। 2022 में बड़े नेताओं को हराने के बाद, उन्होंने इस बार 43,096 वोटों के साथ अपनी सीट बरकरार रखी।
एक और महत्वपूर्ण जीत सोबिता गौतम की रही। उन्होंने 2022 में काठमांडू-2 का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इस बार चितवन-3 से चुनाव लड़ते हुए 59,277 वोट हासिल किए और यूएमएल उम्मीदवार रेणु दहल को हराया।
मोरंग-6 में, काठमांडू यूनिवर्सिटी से एमबीए कर चुकीं रुबिना आचार्य ने 55,513 वोटों के साथ शानदार जीत हासिल की। उनके मुकाबले में कांग्रेस नेता शेखर कोईराला को 12,850 वोट और यूएमएल के बिनोद ढकाल को 8,317 वोट मिले। मोरंग-5 में, पब्लिक हेल्थ ग्रेजुएट और पूर्व हेल्थ वॉलंटियर आशा झा ने 30,434 वोट हासिल कर कांग्रेस उम्मीदवार फूल कुमार लालवानी को 20,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया।
झापा में आरएसपी को दो महत्वपूर्ण जीत मिलीं। निशा डांगी ने झापा-1 से 45,680 वोट प्राप्त किए और कांग्रेस उम्मीदवार केशव राज पांडे को हराया। डांगी पहले ही 2022 में नेपाल की संसद की सबसे कम उम्र की सांसद बनने का रिकॉर्ड बना चुकी थीं। वहीं, झापा-2 से पूर्व डिप्टी स्पीकर इंदिरा नागर मागा ने 60,110 वोटों के साथ यूएमएल उम्मीदवार देवराज घिमेरे को बड़े अंतर से पराजित किया।
सरलाही-1 से नितिमा भंडारी कार्की ने 44,181 वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि कैलाली-1 से कृषि उद्यमी कोमल ग्यावली 17,862 वोटों के साथ संसद पहुंचीं। कास्की-3 में, सोशल वर्कर बीना गुरुंग ने 37,750 वोटों के साथ कांग्रेस उम्मीदवार मनोज गुरुंग को हराया। वहीं, धादिंग-1 में सोशल मीडिया एक्टिविस्ट आशिका तमांग ने 39,128 वोटों के साथ जीत दर्ज की।
इन परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल की नई राजनीति में महिलाओं की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। आरएसपी की महिला उम्मीदवारों की सफलता न केवल पार्टी के संगठनात्मक विस्तार को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि नेपाली मतदाता अब नए चेहरों और महिला नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए पहले से अधिक तैयार हैं।