15 अक्टूबर 2026
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रूस-उत्तर कोरिया राजनयिक संबंधों के 78 वर्ष: प्योंगयांग में समारोह, साझेदारी और मजबूत करने का संकल्प

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रूस-उत्तर कोरिया राजनयिक संबंधों के 78 वर्ष: प्योंगयांग में समारोह, साझेदारी और मजबूत करने का संकल्प

सारांश

रूस-उत्तर कोरिया राजनयिक संबंधों के 78 वर्ष पूरे होने पर प्योंगयांग में हुए समारोह में नवनियुक्त रूसी राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव ने जून 2024 की व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि को आधार बताते हुए दोनों देशों के बीच सहयोग को 'गुणात्मक रूप से नए स्तर' पर पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्य बातें

रूस-उत्तर कोरिया राजनयिक संबंधों के 78 वर्ष पूरे होने पर 15 अक्टूबर 2026 को प्योंगयांग में स्वागत समारोह आयोजित हुआ।
रूस के नवनियुक्त राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव ने समारोह की मेजबानी की; यह उनके कार्यकाल का पहला आधिकारिक समारोह था।
उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री किम जोंग-ग्यू ने रूस के साथ सामरिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
जून 2024 में पुतिन और किम जोंग-उन के बीच हस्ताक्षरित व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि को द्विपक्षीय संबंधों का कानूनी आधार बताया गया; इसमें पारस्परिक रक्षा प्रावधान भी शामिल है।
रूसी आंतरिक मंत्रालय का प्रतिनिधिमंडल, डी.वी.
सर्गिएन्को के नेतृत्व में, भी इन दिनों प्योंगयांग दौरे पर है।

रूस ने उत्तर कोरिया के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 78 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्योंगयांग के ताएदोंগগांग डिप्लोमैटिक क्लब में 15 अक्टूबर 2026 को एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें द्विपक्षीय साझेदारी को नई ऊँचाई तक ले जाने पर बल दिया गया। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने इस समारोह की पुष्टि की।

समारोह का ब्योरा

यह स्वागत समारोह रूस के नवनियुक्त राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव ने आयोजित किया, जिन्होंने पिछले महीने के अंत में प्योंगयांग में अपना कार्यभार संभाला था। यह उनके कार्यकाल का पहला आधिकारिक स्वागत समारोह था। इसमें उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री किम जोंग-ग्यू सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

रूसी आंतरिक मंत्रालय का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इन दिनों प्योंगयांग के दौरे पर है। प्रवासन सेवा के उप प्रमुख डी.वी. सर्गिएन्को के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल भी समारोह में उपस्थित रहा, जो दोनों देशों के बीच प्रशासनिक और संस्थागत संपर्क के विस्तार का संकेत देता है।

राजदूत के मुख्य वक्तव्य

रूसी दूतावास के आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर साझा जानकारी के अनुसार, राजदूत पोडेलिशेव ने दोनों देशों के संबंधों को 'अनुकरणीय' करार दिया। उन्होंने कहा, “ये संबंध पूर्ण समानता और आपसी सम्मान के सिद्धांतों पर आगे बढ़ रहे हैं।”

राजदूत ने जून 2024 में हस्ताक्षरित व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि को द्विपक्षीय संबंधों का कानूनी और वैचारिक आधार बताया। उनके अनुसार, इस संधि ने सहयोग को 'गुणात्मक रूप से नए स्तर' पर पहुँचाया है और भविष्य के लिए एक उच्च मानक तय किया है।

उत्तर कोरिया की प्रतिक्रिया

उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री किम जोंग-ग्यू ने कहा कि उनके देश की 'अडिग नीति' रूस के साथ पारंपरिक मित्रता और सहयोग के संबंधों का व्यापक विस्तार करना है। उन्होंने दोनों देशों के बीच सामरिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने तथा द्विपक्षीय संबंधों को हर संभव दिशा में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई।

समारोह में वक्ताओं ने दोनों देशों के 'खून से बने गठबंधन' को स्थायी बताते हुए कहा कि शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के साझे लक्ष्य की दिशा में यह साझेदारी निरंतर मजबूत होती रहेगी।

जून 2024 की संधि की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि जून 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच हस्ताक्षरित व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि में पारस्परिक रक्षा से जुड़ा प्रावधान भी शामिल है। इस संधि के बाद से दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक सहयोग में उल्लेखनीय तेजी आई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय गहरी निगाहों से देख रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देश और उनके सहयोगी रूस-उत्तर कोरिया सैन्य सहयोग को लेकर चिंता जता रहे हैं और इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती मानते हैं। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय आदान-प्रदान और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन पर पश्चिमी देशों ने गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं। इस साझेदारी की दीर्घकालिक परीक्षा यह होगी कि क्या यह वैश्विक प्रतिबंधों के दबाव में भी अपनी गहराई बनाए रख सकती है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूस और उत्तर कोरिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि क्या है?
यह जून 2024 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच हस्ताक्षरित एक द्विपक्षीय संधि है, जिसमें पारस्परिक रक्षा सहित व्यापक सहयोग के प्रावधान शामिल हैं। रूसी राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव ने इसे दोनों देशों के संबंधों का कानूनी और वैचारिक आधार बताया है।
प्योंगयांग में 15 अक्टूबर 2026 को क्या हुआ?
रूस-उत्तर कोरिया राजनयिक संबंधों की स्थापना के 78 वर्ष पूरे होने पर ताएदोंগগांग डिप्लोमैटिक क्लब में एक स्वागत समारोह आयोजित हुआ। इसमें रूस के नवनियुक्त राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव और उत्तर कोरिया के उप विदेश मंत्री किम जोंग-ग्यू सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
रूस के नवनियुक्त राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव कब से कार्यरत हैं?
राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव ने पिछले महीने के अंत में प्योंगयांग में कार्यभार संभाला। 15 अक्टूबर 2026 का स्वागत समारोह उनके कार्यकाल का पहला आधिकारिक समारोह था।
रूस-उत्तर कोरिया के बढ़ते सहयोग पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की क्या प्रतिक्रिया है?
पश्चिमी देशों और उनके सहयोगियों ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य और रणनीतिक सहयोग को लेकर गहरी चिंता जताई है और इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती माना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन घटनाक्रमों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है।
रूसी आंतरिक मंत्रालय का प्रतिनिधिमंडल प्योंगयांग में क्यों है?
रूसी आंतरिक मंत्रालय का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व प्रवासन सेवा के उप प्रमुख डी.वी. सर्गिएन्को कर रहे हैं, इन दिनों प्योंगयांग दौरे पर है। यह प्रतिनिधिमंडल 78वीं वर्षगाँठ के समारोह में भी शामिल हुआ, जो दोनों देशों के बीच प्रशासनिक और संस्थागत संपर्क के विस्तार का संकेत देता है।
राष्ट्र प्रेस
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