उत्तर कोरिया-रूस 'तीसरा रणनीतिक संवाद': चोए सोन-हुई ने लावरोव और पुतिन से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन-हुई ने मास्को में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ तीसरा रणनीतिक संवाद आयोजित किया और दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, यह बैठक सोमवार, 21 जुलाई को हुई। इससे पहले रविवार को चोए सोन-हुई ने क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की।
वार्ता में क्या हुआ
केसीएनए द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों के बीच चर्चा के मुख्य विषय थे — व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि का क्रियान्वयन, उच्च-स्तरीय यात्राओं की योजना, बहुआयामी सहयोग का विस्तार और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कूटनीतिक समन्वय। बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने चर्चा में उठाए गए सभी मुद्दों पर सहमति व्यक्त की।
दोनों देशों ने बदलते वैश्विक हालात की परवाह किए बिना, शीर्ष नेतृत्व के रणनीतिक मार्गदर्शन में द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक और बहुआयामी विकास को तेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
परस्पर समर्थन की पुनः पुष्टि
रूस ने उत्तर कोरिया की संप्रभुता की रक्षा के प्रयासों के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया और कथित 'शत्रुतापूर्ण' खतरों का सामना करने में उसके साथ खड़े रहने की बात कही। वहीं, उत्तर कोरिया ने रूस की उन नीतियों के प्रति अपना अटल समर्थन दोहराया, जिनका उद्देश्य — उत्तर कोरिया के अनुसार — यूक्रेन विवाद के मूल कारणों को समाप्त करना और 'साम्राज्यवादी वर्चस्ववादी प्रयासों' से राष्ट्रीय संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना है।
पुतिन से मुलाकात और उसका महत्व
केसीएनए की एक अलग रिपोर्ट के अनुसार, चोए सोन-हुई शुक्रवार को लावरोव के निमंत्रण पर मास्को पहुंची थीं। रविवार को क्रेमलिन में राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई मुलाकात में दोनों देशों ने गठबंधन संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई तथा विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय आदान-प्रदान और सहयोग के विस्तार पर सार्थक चर्चा की।
गौरतलब है कि जून 2024 में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन और राष्ट्रपति पुतिन ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद से दोनों देशों के संबंध लगातार प्रगाढ़ होते जा रहे हैं।
किम जोंग-उन की मास्को यात्रा की अटकलें
रिपोर्टों के अनुसार, रूस और उत्तर कोरिया के बीच फिलहाल कोई बड़ा वार्षिकोत्सव या निर्धारित कूटनीतिक अवसर नहीं है। ऐसे में विश्लेषकों का अनुमान है कि चोए सोन-हुई की इस यात्रा का एक उद्देश्य किम जोंग-उन की संभावित रूस यात्रा की तैयारियों और समन्वय पर चर्चा करना भी हो सकता है। जून 2024 में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने किम जोंग-उन को मास्को आकर शिखर वार्ता करने का निमंत्रण दिया था, जो अब तक लंबित है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिमी देश उत्तर कोरिया और रूस के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को लेकर गहरी चिंता जता रहे हैं। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क और तेज होने की संभावना है।