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उत्तर कोरिया-रूस राजनयिक संबंधों के 78 साल पूरे, किम-पुतिन की 'अजेय मित्रता' का ऐलान

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उत्तर कोरिया-रूस राजनयिक संबंधों के 78 साल पूरे, किम-पुतिन की 'अजेय मित्रता' का ऐलान

सारांश

उत्तर कोरिया और रूस के बीच राजनयिक संबंधों के 78 साल पूरे होने पर दोनों राजधानियों में समारोह हुए। राजदूत सिन होंग-चोल ने संबंधों को 'अजेय युद्ध-साथी' बताया और 2024 की रक्षा संधि को ऐतिहासिक करार दिया — ऐसे वक्त में जब यह गठजोड़ वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन रहा है।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया और रूस के बीच राजनयिक संबंधों के 78 वर्ष पूरे होने पर मॉस्को और प्योंगयांग दोनों में स्वागत समारोह आयोजित हुए।
रूस में उत्तर कोरियाई राजदूत सिन होंग-चोल ने द्विपक्षीय संबंधों को 'अभूतपूर्व स्तर' और 'अजेय युद्ध-साथी संबंध' बताया।
रूसी मंत्री अलेक्जेंडर कोजलोव ने जून 2024 की व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि को दोनों देशों की आपसी प्रतिबद्धता का प्रतीक कहा।
2024 में हस्ताक्षरित पारस्परिक रक्षा संधि के तहत किसी एक देश पर हमले की स्थिति में दूसरा देश सैन्य सहायता देने के लिए बाध्य है।
उत्तर कोरिया में रूसी राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव ने भी प्योंगयांग में 78वीं वर्षगांठ का जश्न मनाया।

उत्तर कोरिया ने रूस के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई है, तथा दोनों देशों के बीच रिश्तों को 'अजेय मित्रता' की संज्ञा दी है। प्योंगयांग की सरकारी मीडिया ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी। यह घोषणा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 78 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आई है।

समारोह और मुख्य घटनाक्रम

मॉस्को स्थित उत्तर कोरियाई दूतावास ने दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 78वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया। इस कार्यक्रम में रूस के प्राकृतिक संसाधन मंत्री तथा उत्तर कोरिया-रूस अंतर-सरकारी सहयोग समिति के अध्यक्ष अलेक्जेंडर कोजलोव सहित रूसी सरकार और राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके समानांतर, उत्तर कोरिया में रूस के राजदूत आंद्रेई पोडेलिशेव ने भी प्योंगयांग में 78वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया, जो इस द्विपक्षीय संबंध के दोनों देशों में महत्व को रेखांकित करता है।

राजदूत का बयान: 'अभूतपूर्व स्तर'

रूस में उत्तर कोरिया के राजदूत सिन होंग-चोल ने समारोह में कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों ने 'अभूतपूर्व स्तर' हासिल किया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बने घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंधों को दिया।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, सिन ने यह भी कहा कि 2024 में दोनों नेताओं के बीच हुई शिखर बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में रूपांतरित कर दिया और उन्हें 'अजेय युद्ध-साथी संबंधों' के स्तर तक पहुँचाया।

रूसी मंत्री की प्रतिक्रिया

मंत्री कोजलोव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जून 2024 में किम जोंग उन और पुतिन के बीच हस्ताक्षरित व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि दोनों देशों के आपसी सम्मान, विश्वास और साझा समृद्धि के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करती है।

रक्षा संधि की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया और रूस ने वर्ष 2024 में एक पारस्परिक रक्षा संधि पर भी हस्ताक्षर किए थे। इस संधि में स्पष्ट प्रावधान है कि यदि दोनों में से किसी भी देश पर सशस्त्र हमला होता है, तो दूसरा देश उसे सैन्य सहायता प्रदान करेगा। यह संधि पश्चिमी देशों और नाटो सहयोगियों की तीखी आलोचना का विषय रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संघर्ष को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच बढ़ती निकटता वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती पेश कर रही है।

आगे क्या

दोनों देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग समिति की सक्रियता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और विस्तार दिए जाने की योजना है। विश्लेषकों के अनुसार, इस गठजोड़ की दिशा पर पश्चिमी देश और संयुक्त राष्ट्र करीबी नज़र रख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक शक्ति संतुलन पर सीधा असर डालती है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर समारोहों की रस्मी खबर देकर रुक जाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह गठजोड़ यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरियाई हथियारों की आपूर्ति को वैधानिक आवरण देने का माध्यम बन रहा है। पश्चिमी देशों के लिए यह चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि रक्षा संधि का दायरा सैन्य से आगे बढ़कर आर्थिक और वैज्ञानिक सहयोग तक फैल रहा है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर कोरिया और रूस के बीच राजनयिक संबंध कब से हैं?
उत्तर कोरिया और रूस के बीच राजनयिक संबंध 78 वर्ष पहले स्थापित हुए थे। इस वर्षगांठ के अवसर पर मॉस्को और प्योंगयांग दोनों जगह स्वागत समारोह आयोजित किए गए।
उत्तर कोरिया-रूस 2024 रक्षा संधि क्या है?
वर्ष 2024 में हस्ताक्षरित इस पारस्परिक रक्षा संधि में प्रावधान है कि यदि दोनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होता है, तो दूसरा देश उसे सैन्य सहायता देगा। इसे जून 2024 में किम जोंग उन और व्लादिमीर पुतिन की शिखर बैठक के दौरान 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि' के रूप में हस्ताक्षरित किया गया था।
किम जोंग उन और पुतिन के बीच संबंध कैसे हैं?
रूस में उत्तर कोरिया के राजदूत सिन होंग-चोल के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंध हैं, जिन्होंने द्विपक्षीय रिश्तों को 'अभूतपूर्व स्तर' तक पहुँचाया है। 2024 की शिखर बैठक को दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ बताया जा रहा है।
इस गठजोड़ का वैश्विक सुरक्षा पर क्या असर है?
आलोचकों का कहना है कि उत्तर कोरिया-रूस की बढ़ती सैन्य और रणनीतिक निकटता वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक नई चुनौती है। पश्चिमी देश और नाटो सहयोगी इस गठजोड़ को यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में विशेष रूप से चिंताजनक मानते हैं।
अलेक्जेंडर कोजलोव इस समारोह में क्यों शामिल हुए?
अलेक्जेंडर कोजलोव रूस के प्राकृतिक संसाधन मंत्री होने के साथ-साथ उत्तर कोरिया-रूस अंतर-सरकारी सहयोग समिति के अध्यक्ष भी हैं। उनकी उपस्थिति व्यापार, अर्थव्यवस्था और विज्ञान के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ते संस्थागत सहयोग को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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