रूस का यूक्रेन में नागरिक ठिकानों पर हमला: ओडेसा, जापोरिज्जिया और खार्कीव निशाने पर, जेलेंस्की ने माँगी अतिरिक्त हवाई सुरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार, 13 जुलाई को आरोप लगाया कि रूस ने एक बार फिर यूक्रेन के नागरिक ढाँचे को निशाना बनाया — जिसमें ओडेसा में यात्री बसें, जापोरिज्जिया में आवासीय इमारतें और खार्कीव क्षेत्र का एक अस्पताल शामिल हैं। जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को और मज़बूत करने की अपील की है।
हमले का ब्यौरा
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि रूस ने सोमवार को केवल आम नागरिकों के ठिकानों को निशाना बनाया — ओडेसा में सामान्य यात्री बसें, जापोरिज्जिया में रिहायशी इमारतें और खार्कीव क्षेत्र का एक साधारण अस्पताल। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि रूस आम लोगों की ज़िंदगी के खिलाफ युद्ध छेड़े हुए है।
जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन का साथ देना हर दृष्टिकोण से उचित है — सुरक्षा के लिए, राजनीतिक तौर पर और सबसे बढ़कर इंसानियत के लिए।
हवाई सुरक्षा की माँग
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने ज़ोर देकर कहा कि दुनियाभर के लोग यह देख रहे हैं कि यूक्रेन को और मज़बूत हवाई सुरक्षा की ज़रूरत है। उन्होंने रूस पर दबाव बनाने के लिए तीन सूत्री माँग रखी — हमलावर के खिलाफ नए प्रतिबंध, यूक्रेन के लिए नए सहायता पैकेज और यूरोपीय एंटी-बैलिस्टिक पहल 'फ्रेया' जैसी परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करना।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि रूस की सरकार इस युद्ध को लेकर पूरी तरह गैर-तर्कसंगत हो चुकी है और इसे खत्म करने से लगातार इनकार कर रही है। उन्होंने आने वाले दिनों में कई बैठकों और वार्ताओं का उल्लेख किया जिनसे यूक्रेन की सुरक्षा स्थिति और मज़बूत होने की उम्मीद है।
यूक्रेन का जवाबी हमला
इससे पहले शनिवार को यूक्रेन ने रूस के समारा क्षेत्र में स्थित सिजरान रिफाइनरी पर बड़े ड्रोन हमले किए। यूक्रेन रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) ने रूस के कब्ज़े वाले कई ठिकानों को निशाना बनाया।
गौरतलब है कि सिजरान रिफाइनरी रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी रोजनेफ्ट की प्रमुख रिफाइनरियों में से एक है, जहाँ रूस के कुल कच्चे तेल का लगभग तीन प्रतिशत रिफाइन किया जाता है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन वर्ष से अधिक हो चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के प्रयास अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँचे हैं। आलोचकों का कहना है कि नागरिक बुनियादी ढाँचे पर बार-बार हो रहे हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन हो सकते हैं — हालाँकि रूस इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
आने वाले दिनों में जेलेंस्की की बहुपक्षीय बैठकें यह तय करेंगी कि 'फ्रेया' पहल और नए सहायता पैकेज किस गति से आगे बढ़ते हैं।