शी चिनफिंग-लुकाशेंको मुलाकात: चीन-बेलारूस 'सर्वकालिक रणनीतिक साझेदारी' और मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 29 जून 2026 को बीजिंग में बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको से द्विपक्षीय वार्ता की। इस शिखर भेंट में दोनों नेताओं ने चीन-बेलारूस संबंधों को 'सर्वकालिक रणनीतिक साझेदारी' करार देते हुए आपसी सहयोग और गहरा करने पर सहमति जताई।
शी चिनफिंग का रुख
राष्ट्रपति शी ने बैठक में कहा कि चीन और बेलारूस 'आपसी विश्वास और समर्थन के सच्चे मित्र' हैं तथा 'साझा विकास व समृद्धि के अच्छे साझेदार' हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों में आए उतार-चढ़ाव की परीक्षा में खरे उतरे हैं और वर्तमान में 'ऐतिहासिक रूप से सर्वश्रेष्ठ दौर' में हैं। शी ने आगे कहा कि दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक विश्वास 'चट्टान की तरह मजबूत' है।
रणनीतिक एजेंडा
शी चिनफिंग ने जोर दिया कि चीन, बेलारूस के साथ रणनीतिक संपर्क बनाए रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को उच्चतर स्तर पर ले जाना चाहता है। उन्होंने 'मानव जाति के साझे भविष्य वाले समुदाय' के निर्माण और चार वैश्विक पहलों के संयुक्त क्रियान्वयन का भी उल्लेख किया — जो बीजिंग की व्यापक विदेश नीति का केंद्रीय स्तंभ है।
लुकाशेंको का बयान
बेलारूसी राष्ट्रपति लुकाशेंको ने चीन को अपने देश का 'सर्वकालिक रणनीतिक साझेदार' बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग व्यापक रूप से बढ़ रहा है, जिससे बेलारूस के आर्थिक और सामाजिक विकास को 'अहम समर्थन' मिला है। लुकाशेंको ने यह भी स्पष्ट किया कि बेलारूस अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों में चीन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखना चाहता है।
व्यापक संदर्भ
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब बेलारूस पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव में है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद यूरोप में कूटनीतिक अलगाव का सामना कर रहा है। ऐसे में बीजिंग के साथ लुकाशेंको की यह उच्च-स्तरीय भेंट बेलारूस के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। गौरतलब है कि चीन ने हाल के वर्षों में बेलारूस के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को उल्लेखनीय रूप से विस्तारित किया है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और अधिक क्षेत्रीय सहयोग समझौतों की संभावना है।