क्या बेलारूस के राष्ट्रपति ने चीन से संबंधों पर चर्चा की?

सारांश
Key Takeaways
- बेलारूस और चीन के बीच गहरे संबंध हैं।
- एससीओ में शामिल होना एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
- युद्धविराम की प्राथमिकता है।
- सुरक्षा को साझा लक्ष्य के रूप में देखना आवश्यक है।
- भविष्य की स्थिति राजनीतिक निर्णयों पर निर्भर करेगी।
बीजिंग, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी 16वीं चीन यात्रा से पूर्व, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने राष्ट्रपति भवन में चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) से एक इंटरव्यू दिया।
इस अवसर पर लुकाशेंको ने कहा कि बेलारूस चीन के साथ सभी मौसमों के अनुसार एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है। हमारे दोनों देशों के बीच कोई समस्या या मतभेद नहीं हैं। सभी मुद्दों और क्षेत्रों में बेलारूस चीन से शिक्षाएं ग्रहण कर रहा है। चीन के बिना किसी भी वैश्विक समस्या का समाधान संभव नहीं है।
बेलारूस ने जुलाई 2024 में औपचारिक रूप से शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) का सदस्यता ग्रहण की। लुकाशेंको ने कहा कि एससीओ में शामिल होना बेलारूस का एक गंभीर और सुविचारित निर्णय है, क्योंकि वैश्विक राजनीति में इस संगठन की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एकता सबसे अच्छा उपाय है।
यूक्रेन संकट पर चर्चा करते हुए लुकाशेंको ने कहा कि वर्तमान प्राथमिकता युद्धविराम है। सुरक्षा एक अविभाज्य तत्व है। यूरोपीय देशों को इसे एक साझा लक्ष्य के रूप में बनाए रखना चाहिए। सभी यूरोपीय देशों को इस सुरक्षा तंत्र में अपनी भूमिका निभानी होगी। अब एक नए समझौते पर पहुंचने की आवश्यकता है, और भविष्य की स्थिति, यूरोप, यहां तक कि और व्यापक क्षेत्रों में सभी देशों के राजनीतिक निर्णय पर निर्भर करेगी।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)