दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने ऑनलाइन नफरत फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के लिए माँगी जनता की राय
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने रविवार, 24 मई 2026 को ऑनलाइन मंचों पर नफरत फैलाने वाली और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के संदर्भ में सार्वजनिक बहस की माँग की। उन्होंने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए कही, जिसमें उन्होंने एक रिपोर्ट साझा की और नागरिकों से सीधे उनकी राय जाननी चाही।
मुख्य घटनाक्रम
राष्ट्रपति ली ने एक्स पर एक ऐसी रिपोर्ट साझा की जिसमें बताया गया था कि दक्षिणपंथी ऑनलाइन फोरम 'इल्बे स्टोरहाउस' से जुड़े कुछ युवाओं ने पूर्व उदारवादी राष्ट्रपति रो मू-ह्यून की पुण्यतिथि पर आयोजित एक स्मृति कार्यक्रम के दौरान उनके स्मारक स्थल के निकट भड़काऊ और अपमानजनक हरकतें कीं। इस घटना ने दक्षिण कोरिया में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नफरत भरी भाषा के बीच की सीमा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
राष्ट्रपति की स्थिति और सवाल
ली ने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस बारे में अलग-अलग मत हैं कि क्या ऐसे बयान — जो समाज में विभाजन और टकराव पैदा करते हैं — अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आते हैं या इन पर प्रतिबंध और दंड जैसी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अधिक सख्त शर्तें ज़रूरी हैं और अपमानजनक या नफरत फैलाने वाली सामग्री पर जुर्माना अथवा हर्जाने जैसी कार्रवाई भी संभव हो सकती है।
ली ने नागरिकों से पूछा, "आप क्या सोचते हैं?" और साथ ही यह भी जोड़ा कि वे इस मुद्दे को कैबिनेट बैठक में भी उठाएँगे। यह भी चर्चा में है कि क्या ऐसे ऑनलाइन फोरम को पूरी तरह बंद कर दिया जाना चाहिए।
इल्बे स्टोरहाउस: पृष्ठभूमि
इल्बे स्टोरहाउस दक्षिण कोरिया का एक कुख्यात ऑनलाइन समुदाय है, जो चरम दक्षिणपंथी विचारधारा, महिलाओं और अल्पसंख्यकों के विरुद्ध नफरत भरे विचारों तथा नस्लवादी भाषा के लिए जाना जाता है। यह मंच वर्षों से दक्षिण कोरिया में विवाद का केंद्र रहा है और इस पर कई बार नियामक कार्रवाई की माँग उठती रही है।
स्टारबक्स विवाद से जुड़ा संदर्भ
राष्ट्रपति ली की यह टिप्पणी उस घटना के ठीक एक दिन बाद आई, जब उन्होंने स्टारबक्स कोरिया की 2024 की एक प्रमोशनल कैंपेन की आलोचना की थी। 16 अप्रैल 2024 को स्टारबक्स कोरिया ने 'सायरन क्लासिक मग कलेक्शन' लॉन्च किया था — यही वह तारीख है जब सेवल फेरी दुर्घटना की बरसी होती है, जिसमें 300 से अधिक लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर स्कूली छात्र थे। कुछ लोगों ने इस लॉन्च को उस त्रासदी से जोड़कर देखा, जिससे व्यापक आक्रोश उत्पन्न हुआ।
आगे क्या होगा
राष्ट्रपति ली के इस कदम से दक्षिण कोरिया में ऑनलाइन नफरत फैलाने वाली सामग्री के विनियमन पर नीतिगत बहस तेज़ होने की संभावना है। कैबिनेट स्तर पर चर्चा के बाद संभव है कि सरकार इस दिशा में कानूनी या प्रशासनिक कदम उठाए। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल जवाबदेही के बीच संतुलन बनाने में दक्षिण कोरिया की सरकार किस रास्ते को चुनती है।